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राज्यकर्मचारियों की वेतन संबंधी मांग पर दूसरे राज्यों से तुलना कर फैसला कर रही सरकार

Mon, 31 Oct 2016 05:06 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 31 Oct 2016 05:06 PM IST
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state employees salaries to compared to other state employees.

राज्य वेतन समिति सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार के समय दूसरे राज्यों के कर्मियों को मिल रहे लाभों पर भी गौर करेगी। शासन ने इसके लिए यूपी व दूसरे राज्यों के कर्मियों को मिल रहे सेवा लाभों का तुलनात्मक ब्यौरा तैयार करा लिया है।

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राज्य वेतन समिति ने हाल में विभिन्न सेवा संवर्गों के कर्मचारी संगठनों की सुनवाई की तो संगठनों ने बड़े पैमाने पर वेतन विसंगतियों का हवाला दिया। कई सेवा संवर्गों ने दूसरे राज्यों में बेहतर सेवा लाभ का हवाला देकर वैसे ही लाभ देने की मांग की।
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इसके बाद समिति ने यूपी व अन्य राज्यों के कर्मचारियों को मिल रहे सेवा लाभ के संबंध में रिपोर्ट तैयार कराई। सरकार ने हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान व बिहार के कर्मचारियों को ग्रेड पे के हिसाब से यूपी के कर्मचारियों को मिल रहे लाभ का ब्यौरा तैयार कराया है।
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सेवा संवर्गों से मिले प्रत्यावेदनों पर विचार के समय इस पर गौर किया जाएगा। जानकार बताते हैं कि पे स्केल व ग्रेड पे के हिसाब से जो तुलनात्मक स्थिति सामने आई है उससे कर्मचारियों को अलग से किसी अप्रत्याशित लाभ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं ज्यादा तो कहीं है बराबर

state employees salaries to compared to other state employees.

कारण, सरकार ने हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान व बिहार के कर्मचारियों को ग्रेड पे के हिसाब से यूपी के कर्मचारियों को मिल रहे लाभों का ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें सामने आया है कि ज्यादातर स्केल में कार्यरत कर्मी तुलना वाले राज्यों से या तो अधिक ग्रेड पे पा रहे हैं या बराबर। कम तो कहीं नहीं हैं। हां, यदि सूबे के भीतर के विभिन्न संवर्गों में ही विसंगति होगी तो उसे दूर करने पर लाभ जरूर पा सकते हैं।

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वेतन समिति अपनी पहली रिपोर्ट में सातवें वेतन का लाभ देने से जुड़ी सिफारिशें कर सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले सूबे के कर्मचारियों को इसके लाभ हर हाल में देने की तैयारी है। इससे जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें भी सबसे पहले पेंशनरों को लाभ मिल सकता है।

इसके बाद समिति राज्य सरकार की ओर से विभिन्न सेवा संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए सौंपे गए प्रकरणों पर विचार करेगी। यदि किसी संवर्ग की वेतन विसंगति पर विचार करते समय यह महसूस किया जाता है कि उसे संबंधित लाभ नए वेतन में जोड़कर देने की आवश्यकता है तो समिति उसकी सिफारिश संबंधित रिपोर्ट में ही कर देगी। इससे कर्मचारियों को किसी तरह का नुकसान नहीं हो पाएगा।

कई जगह समान तो कई जगह बेहतर लाभ पा रहे कर्मचारी

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- यूपी में समूह ‘घ’ के अंतर्गत चपरासी, अर्दली, पत्रवाहक, परिचारक, स्वीपर, चौकीदार, माली, गैंगमैन व फर्राश के संबंधित पदों के कर्मी 1800 रुपये ग्रेड पे पा रहे हैं। दूसरी ओर हरियाणा, एमपी, राजस्थान व बिहार के कर्मियों का ग्रेड पे 1300 ही है।

- समूह ‘घ’ में दफ्तरी, रसोइयां, साइक्लोस्टाइल ऑपरेटर, प्रधान माली, मेट, केयरटेकर, पैकर पदों के कर्मी यूपी में जहां 1900 ग्रेड पे पा रहे हैं वहीं हरियाणा, एमपी व राजस्थान में अलग-अलग पे-स्केल के हिसाब से 1400, 1600, 1650 व 1800 ग्रेड पे में ही हैं।

- समूह ‘ग’ में ग्रेड पे 1900 से 2800 ग्रेड पे तक तुलना वाले सभी पांच राज्यों के कर्मी समान लाभ पाते हैं।

- 5000-8000 पे स्केल वाले कर्मी यूपी व बिहार में जहां 4200 ग्रेड पे पा रहे हैं वहीं अन्य तीन राज्यों के कर्मी 3200 ग्रेड पे तक सीमित हैं। यही स्थिति पे स्केल-5500-9000 में है। यूपी व बिहार अपने कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे दे रहे तो अन्य राज्य 3600 ही दे रहे हैं।

- 6500-10500 पे स्केल में यूपी अपने कर्मियों को सबसे ज्यादा 4600 ग्रेड पे दे रहा है। बाकी राज्य 4200 ग्रेड पे ही दे रहे हैं।

- बाकी पे स्केल पर सूबे के कर्मी या तो तुलना वाले राज्यों के समान लाभ पा रहे हैं या उनसे ज्यादा।

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