खुद ही परीक्षा लेने पहुंच गए मंत्री, हुए निराश
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मंत्री ने छात्र से पूछा देश के पहले प्रधानमंत्री का नाम क्या है? छात्र का जवाब था डॉ. राजेन्द्र प्रसाद। मंत्री ने पूछा सबसे बड़ा संविधान कहां का है? उनको जवाब मिला अमेरिका।
मंत्री ने इंवॉयरमेंट की स्पेलिंग पूछी छात्र ने वह भी गलत बताई।
यह कड़वा सच है राजधानी में शिक्षा व्यवस्था का, जो सामने आया शनिवार को राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में। स्टूडेंट्स परीक्षा देने में व्यस्त थे, तभी अचानक माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री विजय पाल पहुंच गए।
उन्होंने छात्रों से कुछ सवाल किए, जिसका उन्हें गलत जवाब मिला। इस पर मंत्री प्रिंसिपल पर नाराज हुए और शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद वह फिर विद्यालय आएंगे और सुधार का जायजा लेंगे। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में शनिवार को छमाही परीक्षाएं चल रही हैं।
शनिवार सुबह 9:30 बजे माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री औचक निरीक्षण पर पहुंचे। प्रिंसिपल से सीटिंग प्लान लेकर शिक्षामंत्री कक्षा की ओर बढ़ चले।
मंत्री बोले दुखी होकर जा रहा हूं
कक्ष संख्या-एन-2 में कक्षा 10 के छात्रों की परीक्षा चल रही थी। मंत्री ने पूछा कि देश के पहले प्रधानमंत्री, विश्व के सबसे बड़े संविधान, समेत कुछ सवाल किए।
एक छात्र से उन्होंने अंग्रेजी की कविता सुनाने को कहा। छात्र ने कविता तो सुना दी, पर इन्वॉयरमेंट की स्पेलिंग पूछी गई तो वह नहीं बता पाया।
कमरा नंबर एन-3 में मंत्री जी ने बीएसए, डीआईओएस, एसडीएम के नाम की फुलफॉर्म पूछा। पूरी कक्षा में कोई हाथ नहीं उठा। शिक्षामंत्री ने पूछा, यूपी के राज्यपाल कौन हैं?
इस बार एक छात्र ने सही जवाब राम नाईक, बताया। जिले, राज्य और देश की सीमाएं पूछने पर क्लास में सन्नाटा पसरा रहा।
स्टूडेंट्स की क्लास लेने के बाद शिक्षामंत्री ने प्रिंसिपल की ओर रुख किया। उन्होंने कहा कि आज वह दुखी होकर जा रहे हैं। परीक्षा के बाद वर्किंग डे में आएंगे।
अधिकारियों को भी लगाई फटकार
उम्मीद है सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि छात्रों को बहुत से सवालों के जवाब आते हों और वे हड़बड़ी में न बता पाए हों।
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है कि वे छात्रों को स्मार्ट और निर्भीक बनाएं, ताकि वे हर मंच पर अपनी बात कह सकें।
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री विजय बहादुर पाल राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्रों से सवाल-जवाब कर रहे थे।
उस दौरान डीआईओएस पीसी यादव सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे। इसके बावजूद अधिकारी निरीक्षण के संबंध में कुछ भी नोट नहीं कर रहे थे। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप भी देख लीजिए बच्चों का स्तर।