{"_id":"679a61c15c5d975c1d0cc474","slug":"stampede-in-mahakumbh-akhilesh-yadav-said-complete-management-should-be-handed-over-to-the-army-responsib-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाकुंभ में भगदड़: अखिलेश यादव बोले- सेना को सौंपा जाए पूरा प्रबंधन, जिम्मेदार नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाकुंभ में भगदड़: अखिलेश यादव बोले- सेना को सौंपा जाए पूरा प्रबंधन, जिम्मेदार नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा
Thu, 30 Jan 2025 06:53 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 30 Jan 2025 06:53 AM IST
सार
Stampede in Mahakumbh: महाकुंभ में हुई भगदड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मेला का प्रबंधन यूपी सरकार के बजाय सेना को सौंप देना चाहिए।
विज्ञापन
अखिलेश यादव
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति भरोसा जगाने के लिए महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन उत्तर प्रदेश शासन के बजाय तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। विश्वस्तरीय व्यवस्था के दावा करने वालों को इस हादसे में मारे गए लोगों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं की सरकार अच्छे से अच्छा इलाज कराए। मृतकों के शवों को चिह्नित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए। जो लोग बिछड़ गए हैं, उन्हें मिलाने के लिए प्रयास किए जाएं। महाकुंभ में हेलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
विज्ञापन
अखिलेश यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वे इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्गों को बंद करने से करोड़ों लोग सड़कों पर फंस गए हैं। सरकार को इसे शासन-प्रशासन की लापरवाही से जन्मी आपदा मानकर तुरंत सक्रिय हो जाना चाहिए। सूर्यास्त से पहले ही श्रद्धालुओं तक भोजन-पानी की राहत पहुंचानी चाहिए और उनमें ये भरोसा जगाना चाहिए कि सबको सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रदेश और केंद्र सरकार करेगी। मृतकों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए समस्त समारोह, उत्सवधर्मिता व स्वागत कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए।
विज्ञापन