जुगाड़ू दरोगाओं में खलबली, ‘लेडी सिंघम’ मंजिल सैनी ने लिया ये एक्शन
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जुगाड़ और सिफारिश के बूते लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे दरोगाओं की कुर्सी एसएसपी मंजिल सैनी ने हिला दी। उन्होंने ऐसे 57 दरोगा चिह्नित किए जो पिछले तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं।
बुधवार को इन सभी दरोगाओं को उन्होंने दूसरे सर्किल के थानों में तैनात करने का आदेश जारी कर दिया। एसएसपी के इस आदेश से जुगाड़ू दरोगाओं में खलबली मच गई है।
एसएसपी ने बताया कि हजरतगंज कोतवाली में ऐसे नौ दरोगा तैनात थे जिनका एक ही जगह पर निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ठाकुरगंज कोतवाली में भी पांच दरोगा चिह्नित किए गए थे।
बाकी सभी थानों में दो से तीन दरोगा लंबे समय से डटे थे। इन सभी दरोगाओं की तैनाती सर्किल से बाहर दूसरे थानों में की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिन दरोगाओं को इधर से उधर किया गया है, उसमें कई मंत्री और विधायकों के करीबी हैं।
ऐसे दरोगाओं ने पुरानी जगह पर वापस तैनाती के लिए अपने आकाओं के घर पर हाजिरी देनी शुरू कर दी है। एसएसपी ने बताया कि एक ही जगह पर निर्धारित कार्यकाल पूरा करने वाले दरोगाओं में 21 चौकी इंचार्ज और तीन थानों के एसएसआई भी शामिल हैं।
नई भर्ती में शामिल 60 महिला सिपाही
इन्हें दूसरी चौकी या थानों में भेजा जाएगा। एसएसपी ने बताया कि राजधानी को नई भर्ती के 973 सिपाही मिल गए हैं। इसमें 60 महिला सिपाही शामिल हैं।
सभी को तैनाती दे दी गई है। एक थाने में आवश्यकतानुसार 20 से 25 सिपाही भेजे गए हैं। चूंकि, हजरतगंज में कानून व्यवस्था और धरना-प्रदर्शन के लिए फोर्स की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है इसलिए वहां ज्यादा सिपाही दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सिपाहियों की संख्या बढ़ने से कानून व्यवस्था सुधरेगी और अपराध नियंत्रण की दिशा में बेहतर काम किया जा सकेगा। ट्रैफिक व्यवस्था, क्राइम और वीआईपी ड्यूटी के लिए एसएसपी ने डीजीपी मुख्यालय से तीन सीओ मांगे हैं।
उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच में कोई सीओ नहीं है। इसी प्रकार ट्रैफिक और वीआईपी ड्यूटी में भी सीओ की कमी है। तीन सीओ आने से व्यवस्था में सुधार होगा।