एसएससी परीक्षा में सेंधमारी : कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल दो सॉल्वर समेत तीन को एसटीएफ ने दबोचा
एसटीएफ ने 17 जनवरी को भी जीडी कांस्टेबल भर्ती में बैठे सॉल्वर, अभ्यर्थी व सरगना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सरगना यूपी पुलिस का सिपाही अच्युतानंद था। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि अब तक की जांच में इस गिरोह से आरोपियों का कनेक्शन नहीं मिला है।
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एसटीएफ ने बुधवार को कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का राजफाश कर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दो सॉल्वर व एक अभ्यर्थी शामिल है। एक अभ्यर्थी फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
दस जनवरी से प्रदेश के 13 जिलों में 61 केंद्रों पर जीडी कांस्टेबल की ऑनलाइन परीक्षा चल रही है। एसटीएफ को परीक्षा में सेंधमारी होने की शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद एसटीएफ सक्रिय होकर जुटाए गए इनपुट के आधार पर कृष्णानगर स्थित लिटिल एंजल होम ऑनलाइन एग्जाम सेंटर पर छापा मारा। यहां से सॉल्वर अर्पित कुमार व जतिन कुमार के साथ अभ्यर्थी सचिन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी फिरोजाबाद जिले के रहने वाले हैं। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि सचिन की जगह सॉल्वर अर्पित व फरार आरोपी अभ्यर्थी प्रशांत कुमार की जगह पर जतिन परीक्षा दे रहा था। एसटीएफ के अफसरों ने बताया कि प्रशांत की तलाश की जा रही है। जल्द उसकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
एक-एक लाख में हुई थी डील
गिरोह का सरगना एसटीएफ की पकड़ से दूर है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में आधा दर्जन लोगों के नाम सामने आए हैं। कुछ मोबाइल नंबर भी मिले हैं। जिसके जरिये पूरे गिरोह तक पहुंचने की जद्दोजहद में एसटीएफ लगी है। पूछताछ में सॉल्वर ने बताया कि उनको एक परीक्षा देने का एक-एक लाख रुपये मिलता है। रकम परीक्षा होने के बाद मिलती है। इसके पहले वह सीटेट, सुपर टेट, अग्निवीर की परीक्षाओं में बतौर सॉल्वर शामिल हो चुके हैं।
जैसा अभ्यर्थी, वैसी वसूली
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह के सरगना ने कई गुर्गे रखे हैं। जो अलग-अलग कोचिंग सेंटर के अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाते हैं। जिस अभ्यर्थी की जैसी आर्थिक स्थिति होती है, वैसी रकम उनसे वसूलते हैं। तीन से पांच लाख में परीक्षा पास कराने का ठेका लेते हैं। गिरफ्तार अभ्यर्थी से चार लाख रुपयें में परीक्षा पास कराने की डील की थी। जो सॉल्वर हैं वह भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। पैसों के लालच में सॉल्वर बन गए।
बरामदगी : एक मोबाइल, दो फर्जी आधार कार्ड, दो एसएससी प्रवेश पत्र, निवास प्रमाण पत्र, इंटर-हाईस्कूल की मार्कशीट, दो एसएससी जीडी की कमीशन कॉपी।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- सॉल्वर अर्पित कुमार, गांव खेरिया, जसराना, फिरोजाबाद
- सॉल्वर जतिन कुमार सिंह, भरथना, फिरोजाबाद
- अभ्यर्थी सचिन कुमार सिंह, बसुदेवपुर गोनाऊ, फिरोजाबाद
फरार : अभ्यर्थी प्रशांत कुमार, फिरोजाबाद
सरगना की कई पहचान, पश्चिम यूपी में फैला है जाल
जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का सरगना बेहद शातिर है। वह सॉल्वर व अभ्यर्थियों से अलग-अलग पहचान से मिलता है। नए सॉल्वर व अभ्यर्थी ने नया-नया नाम बताता है। कुछ लोगों से वह पुलिस अधिकारी बनकर भी मुलाकात करता है। उसका नेटवर्क पश्चिम यूपी के जिलों में है। ये खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ है।
एसटीएफ ने गिरफ्तार किए गए सॉल्वरों व अभ्यर्थियों से कई घंटे तक पूछताछ की। जब उनसे ये पूछा गया कि के जरिए पूरी डील हुई और मुखिया कौन है? इस पर सभी ने अलग-अलग नाम बताए। कोई मोबाइल नंबर भी उसका नहीं दे सका। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि गिरोह को संचालित करने वाले ने अपनी पहचान इसलिए अलग-अलग रखी है, जिससे उसकी असली पहचान उजागर न हो सके। फोन पर वह किसी से संपर्क नहीं करता है। इसलिए मोबाइल नंबर भी उसका नहीं मिल सका। हालांकि एसटीएफ का कहना है कि कुछ इनपुट मिला है, उस आधार पर तहकीकात जारी है। जल्द गिरोह से जुड़े और लोग गिरफ्त में होंगे।
टेलीग्राम एप के जरिये संपर्क
आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे। जिसमें परीक्षा संबंधी चैट मिली है। जानकारी के मुताबिक इसमें गिरोह का सरगना व अन्य सदस्य भी जुड़े हैं। हालांकि ये स्पष्ट नहीं हो सका कि वह किन किन नंबरों से उसमें जुड़े हैं। एसटीएफ इसमें साइबर एक्सपर्ट की मदद ले सकती है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
सिपाही के गिरोह से कनेक्शन की तलाश
एसटीएफ ने 17 जनवरी को भी जीडी कांस्टेबल भर्ती में बैठे सॉल्वर, अभ्यर्थी व सरगना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सरगना यूपी पुलिस का सिपाही अच्युतानंद था। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि अब तक की जांच में इस गिरोह से आरोपियों का कनेक्शन नहीं मिला है। जांच जारी है, हो सकता है कि ये गिरोह आपस में कनेक्टेट हों। जांच पूरी होने के बाद ही ये पता चल सकेगा।