एक ‘जिम्मेदार’ ने आतंकी को दी थी पनाह!
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पश्चिम बंगाल के बर्दवान में हुए विस्फोट का मुख्य साजिशकर्ता आतंकी अमजद शेख उर्फ काजल फरारी के दौरान कई दिनों तक उत्तर प्रदेश के बस्ती में छिपा रहा।
सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के एक जवान ने बर्दवान विस्फोट के लिए विस्फोटक व केमिकल आदि मुहैया कराने वाले इस बांग्लादेशी आतंकी के छिपने में मदद की थी।
यह सनसनीखेज खुलासा अमजद से पूछताछ में हुआ है। इसके कुछ देर बाद ही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी के मददगार बस्ती निवासी एसएसबी के जवान को हिरासत में ले लिया।
जांच एजेंसी उसे दिल्ली ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। एनआईए के अफसरों का कहना है कि आतंकी संगठन अमजद जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के महत्वपूर्ण सदस्य अमजद शेख से पूछताछ में सामने आया कि बर्दवान विस्फोट के बाद वह गत आठ अक्तूबर को दिल्ली आ गया था।
यहां से वह यूपी के बस्ती जिले में पहुंचा और अपने जानकार एसएसबी के जवान से संपर्क किया। इस जवान ने उसे बस्ती में कुछ दिनों तक छिपे रहने में मदद की।
इसके बाद अमजद वापस पश्चिम बंगाल चला गया था, जहां बीरभूम से सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एनआईए का कहना है कि अमजद शेख जेएमबी के शीर्ष कमांडरों का नजदीकी है।
आतंकी पर था 10 लाख रुपये का इनाम
ये कमांडर संगठन के सदस्यों को जिहादी ट्रेनिंग देने के लिए पश्चिम बंगाल के दो शैक्षिक केंद्रों पर कैंप चला रहे हैं।
एनआईए ने अमजद शेख की गिरफ्तारी पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। यूपी एटीएस भी अमजद शेख उर्फ काजल से पूछताछ करेगी।
एटीएस की एक टीम पहले ही बर्दवान विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार शेख रहमतुल्ला उर्फ साजिद से यूपी लिंक के बारे में जानकारी के लिए बंगाल गई हुई है। यह कदम साजिद के सिमी आतंकियों से संपर्क होने का सुराग मिलने के बाद उठाया गया है।
यूपी पुलिस के अफसरों में रही खलबली
एनआईए की ओर से आतंकी को पनाह देने वाले के पुलिसकर्मी बताए जाने के साथ ही यूपी पुलिस के आला अफसरों में खलबली मच गई।
डीजीपी मुख्यालय के अधिकारियों ने एनआईए से तहकीकात की और जब असलियत पता चली कि वह पुलिस का नहीं, बल्कि एसएसबी का जवान है, तब जाकर उन्हें सुकून मिला।