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Lucknow News: सीट नहीं मिली तो उड़ा दी ट्रेन में बम की अफवाह
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एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ। तिरुवनंतपुरम से गोरखपुर जा रही राप्ती सागर एक्सप्रेस (12512) में बैठने के लिए यात्री को सीट नहीं मिली तो उसने ट्रेन में बम होने की अफवाह उड़ा दी। सूचना मिलते ही लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। यात्रियों को ट्रेन से उतारकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। करीब डेढ़ घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। जीआरपी ने सूचना देने वाले यात्री को फोन किया तो वह ट्रेन के भीतर ही मिला।
जीआरपी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के मुताबिक, मूलरूप से तेलंगाना के रजाना स्थित विमलवाड़ा निवासी सैनी जैकी (26) ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर राप्ती सागर एक्सप्रेस के कोच एस-2 में बम होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ व बम निरोधक दस्ता ऐशबाग स्टेशन पर पहुंच गया। ट्रेन से यात्रियों को नीचे उतारा गया। काफी देर तक छानबीन के दौरान ट्रेन में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सूचना देने वाले फोन नंबर पर दोबारा संपर्क किया गया। पता चला कि सूचना देने वाला सैनी जैकी ट्रेन में ही बैठा था। उससे पूछताछ की गई तो वह बयान बदलने लगा। सैनी ने पहले बताया कि ट्रेन आउटर में कुछ देर के लिए रुकी थी। इस दौरान चार युवक ट्रेन से तेजी से उतर गए। चारों युवकों ने ही आपस में ट्रेन में बम होने की बात कही थी।
आरोपी के बयान पर संदेह होने पर जीआरपी ने सैनी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। बताया कि उसे और उसके साथी एकलव्य को ट्रेन में बैठने के लिए सीट नहीं मिल रही थी। इसी वजह से उसने बम होने की सूचना दी। जीआरपी सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि कोच एस-2 और पूरी ट्रेन की चेकिंग के बाद उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
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जीआरपी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के मुताबिक, मूलरूप से तेलंगाना के रजाना स्थित विमलवाड़ा निवासी सैनी जैकी (26) ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर राप्ती सागर एक्सप्रेस के कोच एस-2 में बम होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ व बम निरोधक दस्ता ऐशबाग स्टेशन पर पहुंच गया। ट्रेन से यात्रियों को नीचे उतारा गया। काफी देर तक छानबीन के दौरान ट्रेन में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सूचना देने वाले फोन नंबर पर दोबारा संपर्क किया गया। पता चला कि सूचना देने वाला सैनी जैकी ट्रेन में ही बैठा था। उससे पूछताछ की गई तो वह बयान बदलने लगा। सैनी ने पहले बताया कि ट्रेन आउटर में कुछ देर के लिए रुकी थी। इस दौरान चार युवक ट्रेन से तेजी से उतर गए। चारों युवकों ने ही आपस में ट्रेन में बम होने की बात कही थी।
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आरोपी के बयान पर संदेह होने पर जीआरपी ने सैनी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। बताया कि उसे और उसके साथी एकलव्य को ट्रेन में बैठने के लिए सीट नहीं मिल रही थी। इसी वजह से उसने बम होने की सूचना दी। जीआरपी सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि कोच एस-2 और पूरी ट्रेन की चेकिंग के बाद उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
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एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

एशबाग स्टेशन पर ट्रेन में जांच करते जीआरपी के जवाब और गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला