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यूपी बजट में पूर्वांचल पर खास मेहरबानी, बुदेलखंड को भी सौगातें
Fri, 08 Feb 2019 02:04 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 08 Feb 2019 02:04 PM IST
सार
- जमीन पर उतरेगा दोनो विकास बोर्डों का काम, चार करोड़ का किया प्रावधान
- पश्चिमी यूपी उपेक्षित तो नहीं, लेकिन कोई बड़ी परियोजना नहीं
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यूपी बजट के बाद प्रेसवार्त करते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
योगी सरकार ने लोकसभा के चुनावी साल के बजट में प्रदेश के हर हिस्से को साधने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री पूर्वांचल से आते हैं, इसलिए वहां पर सरकार की खास मेहरबानी रही है। बुंदेलखंड के हिस्से में भी कई सौगातें आई हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास बोर्ड व विकास निधि की तर्ज पर पश्चिमांचल विकास निधि बनाने की मांग इस बार भी पूरी नहीं हुई।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के लिए 2294 करोड़ दिए गए। तो बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए भी एक हजार करोड़ रुपये के साथ डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया। पश्चिमी यूपी उपेक्षित तो नहीं रहा लेकिन कोई बड़ी परियोजना उसके हिस्से में नहीं आई। थोड़ी राहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच रेपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए सांकेतिक तौर पर 400 करोड़ रुपये के प्रावधान से मिली है।
पिछले दिनों बुंदेलखंड और पूर्वांचल के विकास के लिए दो बोर्डों के गठन का औपचारिक फैसला कर योगी सरकार ने चुनावी संकल्प पत्र पर काम करने की प्रतिबद्धता दिखाई थी। अब बजट में इसके लिए दो-दो करोड़ रुपये की व्यवस्था कर इन इलाकों के विकास को अमली जामा पहनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। हालांकि यह धन दोनों इलाकों की जरूरतों के लिहाज से काफी कम दिखता है। सरकार ने इसके जरिये यह बताने की कोशिश की है कि इस काम को वह भविष्य में और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प दिखाया है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के लिए 2294 करोड़ दिए गए। तो बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए भी एक हजार करोड़ रुपये के साथ डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया। पश्चिमी यूपी उपेक्षित तो नहीं रहा लेकिन कोई बड़ी परियोजना उसके हिस्से में नहीं आई। थोड़ी राहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच रेपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए सांकेतिक तौर पर 400 करोड़ रुपये के प्रावधान से मिली है।
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पिछले दिनों बुंदेलखंड और पूर्वांचल के विकास के लिए दो बोर्डों के गठन का औपचारिक फैसला कर योगी सरकार ने चुनावी संकल्प पत्र पर काम करने की प्रतिबद्धता दिखाई थी। अब बजट में इसके लिए दो-दो करोड़ रुपये की व्यवस्था कर इन इलाकों के विकास को अमली जामा पहनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। हालांकि यह धन दोनों इलाकों की जरूरतों के लिहाज से काफी कम दिखता है। सरकार ने इसके जरिये यह बताने की कोशिश की है कि इस काम को वह भविष्य में और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प दिखाया है।
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पूर्वांचल में मोदी, योगी व मौर्य के क्षेत्रों पर खास मेहरबानी
प्रदेश की भाजपा सरकार के तीसरे बजट में पूर्वांचल पर सौगातों की बरसात हुई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़ तो गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भाजपा के सांस्कृतिक सरोकारों व विकास के एजेंडे को धार देने के लिए बजट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की काशी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद के प्रयागराज पर खास मेहरबानी दिखी है।
सीएम योगी व डिप्टी सीएम मौर्य के पूर्वांचल से होने का लाभ वहां के लोगों को मिलता दिख रहा है। वाराणसी, गोरखपुर व काशी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के प्रारंभिक कार्य के लिए 30-30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे इन शहरों में भविष्य में मेट्रो रेल की राह खुल गई है। लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के काम में भी तेजी आएगी। इसके लिए बजट में 1194 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे गोरखपुर को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ की स्थापना के लिए 64 करोड़, काशी विद्यापीठ के अनुदान के लिए 21 करोड़ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को अनुदान के लिए 21.51 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
पूर्वांचल विकास निधि के लिए 300 करोड़ और पूर्वांचल विकास बोर्ड के लिए 2 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में अब सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बन सकेंगे। इसके लिए क्रमश: 8 व 4 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। पूर्वांचल के वन टांगिया गांवों में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट, प्रयागराज में मल्टी लेवर पार्किंग के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम, विंध्याचल के साथ ही बौद्ध परिपथ के स्थलों सारनाथ, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कुशीनगर, कौशांबी का विकास किया जाएगा। बहराइच में सुहेलदेव के स्थल और चित्तौरा झील का भी विकास होगा।
सीएम योगी व डिप्टी सीएम मौर्य के पूर्वांचल से होने का लाभ वहां के लोगों को मिलता दिख रहा है। वाराणसी, गोरखपुर व काशी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के प्रारंभिक कार्य के लिए 30-30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे इन शहरों में भविष्य में मेट्रो रेल की राह खुल गई है। लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के काम में भी तेजी आएगी। इसके लिए बजट में 1194 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे गोरखपुर को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ की स्थापना के लिए 64 करोड़, काशी विद्यापीठ के अनुदान के लिए 21 करोड़ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को अनुदान के लिए 21.51 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
पूर्वांचल विकास निधि के लिए 300 करोड़ और पूर्वांचल विकास बोर्ड के लिए 2 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में अब सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बन सकेंगे। इसके लिए क्रमश: 8 व 4 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। पूर्वांचल के वन टांगिया गांवों में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट, प्रयागराज में मल्टी लेवर पार्किंग के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम, विंध्याचल के साथ ही बौद्ध परिपथ के स्थलों सारनाथ, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कुशीनगर, कौशांबी का विकास किया जाएगा। बहराइच में सुहेलदेव के स्थल और चित्तौरा झील का भी विकास होगा।
एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर से बदलेगा बुंदेलखंड
बुंदेलखंड विकास बोर्ड के जरिये सरकार ने इस इलाके की विशिष्ट प्राकृतिक संरचना की दुश्वारियों के मद्देनजर विकास के काम को आगे बढ़ाने, जल संसाधनों के अभाव को दूर करने, कम उत्पादकता की समस्या से इस इलाके को निजात दिलाने का इरादा दिखाया है। बोर्ड इस इलाके में आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने, बुंदेलखंड पर प्रकोप ढाने वाली प्राकृतिक आपदाओं से इस इलाके को बचाने की दिशा में भी काम करेगा।
इंस्वेस्टर्स समिटि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिफेंस कॉरिडोर योजना से बुंदेलखंड की बदहाली दूर करने की घोषणा पर भी काम आगे बढ़ा है। झांसी कॉरिडोर की जमीन अधिग्रहण करने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भी 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके निर्माण से लखनऊ झांसी से लखनऊ का रास्ता सुगम हो जाएगा। इसके लिए बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए भी 810 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बुंदेलखंड सड़क विकास निधि के तहत 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस निधि से इन क्षेत्रों में अधिकाधिक सड़कों का निर्माण हो सकेगा। इन क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा।
इंस्वेस्टर्स समिटि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिफेंस कॉरिडोर योजना से बुंदेलखंड की बदहाली दूर करने की घोषणा पर भी काम आगे बढ़ा है। झांसी कॉरिडोर की जमीन अधिग्रहण करने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भी 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके निर्माण से लखनऊ झांसी से लखनऊ का रास्ता सुगम हो जाएगा। इसके लिए बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए भी 810 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बुंदेलखंड सड़क विकास निधि के तहत 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस निधि से इन क्षेत्रों में अधिकाधिक सड़कों का निर्माण हो सकेगा। इन क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा।