कांठ हिंसा पर भाजपा ने CM को धमकाया
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कांठ बवाल की जांच को पहुंचे भाजपा के पांच सदस्यीय विधायक दल ने जेल में बंद भाजपाइयों से मुलाकात के बाद कांठ में हुई हिंसा के लिए प्रदेश की अखिलेश सरकार और मुरादाबाद प्रशासन को कसूरवार ठहराया है।
विधायकों ने मुरादाबाद एसएसपी को सपा का एजेंट बताते हुए तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है। विधायक दल ने कहा कि कांठ थाने में एसएसपी की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं की बर्बर पिटाई की गई है।
भाजपा सोमवार को इस मुद्दे पर विधानसभा में सरकार को घेरेगी। संसद में भी मामला उठाएंगे और सड़कों पर भी लड़ाई लड़ी जाएगी। जिला प्रशासन ने विधायक दल को कांठ जाने की अनुमति नहीं दी।
भाजपा कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
शाहजहांपुर विधायक सुरेश खन्ना के नेतृत्व में थाना भवन शामली विधायक सुरेश राणा, बरेली विधायक डा. अरुण कुमार सक्सेना, आंवला विधायक धर्मपाल सिंह और नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान की सदस्यता वाला विधायक दल रविवार को दोपहर साढ़े बारह बजे ट्रेन से मुरादाबाद पहुंचा।
भाजपा विधायकों ने पहले स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की और फिर जिला कारागार जाकर जेल में बंद भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
समिति ने करीब घंटाभर तक जेल में कार्यकर्ताओं से घटना की जानकारी ली और बाहर आते ही प्रदेश सरकार और मुरादाबाद जिला प्रशासन पर बरस पड़े।
सपा को घेरेंगे भाजपाई
समिति के अध्यक्ष सुरेश खन्ना ने कहा कि तुष्टिकरण में अंधी प्रदेश सरकार के इशारे पर मुरादाबाद पुलिस प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए अकबरपुर चैदरी में पांच साल से मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को ताले तोड़कर उतारा।
दलित महिलाओं की चोटियां पकड़कर उन्हें घसीटा गया, कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ और उन पर गोलियां चलाई गईं।
थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं की जूतों, डंडों से बर्बर पिटाई की गई, सिख भाजपाइयों की पगड़ियां उछालीं गईं और महिलाओं को बेइज्जत किया गया।
समिति ने कहा कि इस मुद्दे पर वह प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट देगी। समिति ने कहा कि एक वर्ग पर हो रहे जुल्म और भाजपा कार्यकर्ताओं की बर्बर पिटाई पर भाजपा सोमवार को विधानसभा में सरकार को घेरेगी, मामला लोकसभा में भी उठाया जाएगा।
कांठ के आरोपियों पर लगेगी रासुका: अहमद
कांठ मामले में सख्त रुख दिखाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसमें आरोपी भाजपा नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) भी लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का रुख साफ है, कानून-व्यवस्था से कोई खिलवाड़ नहीं होना दिया जाएगा। इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने सतर्कता अधिष्ठान के स्वर्ण जयंती समारोह में उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। राज्य सरकार ने पिछले दिनों मुजफ्फरनगर के कवाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर विभिन्न दलों के नेताओं सहित कई अन्य पर रासुका के तहत कार्रवाई की थी।
हालांकि सरकार के इस कदम को अदालत की सहमति नहीं मिल सकी थी। फिलवक्त मुरादाबाद के कांठ में महापंचायत के आयोजन पर सरकार की बंदिश से भड़के लोगों द्वारा कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने के बाद बिगड़े हालात पर बड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका।