मुलायम का सवाल कौन सी हारी सीट जिताओगे, नहीं बता पाए सपाई
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के निर्देश के 20 दिन बाद भी कई विधान परिषद सदस्यों व जिला पंचायत अध्यक्षों ने पार्टी नेतृत्व को लिखकर नहीं दिया है वे किस हारी हुई विधानसभा सीट को जिताने के लिए काम करेंगे।
उन्हें अपनी पसंदीदा सीट पर कामकाज का ब्ल्यू प्रिंट बनाना होगा। अगले छह महीने तक उनका मुख्य फोकस उसी सीट पर रहेगा, जिसे जिताने की वे जिम्मेदारी लेंगे।
मुलायम ने नौ जुलाई को विधान परिषद सदस्यों व जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठक में सभी को वर्ष 2012 में हारी हुई एक-एक सीट जिताने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें खुद ही लिखकर देना था कि 2017 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किस सीट पर काम करेंगे। इसके लिए दो-तीन दिन का समय दिया गया था।
लगभग 20 दिन बीत गए, लेकिन एक तिहाई से ज्यादा विधान परिषद सदस्य व दो दर्जन जिला पंचायत अध्यक्ष अभी तक तय नहीं कर पाए हैं कि वे किस विधानसभा सीट पर काम करना चाहते हैं। लिहाजा, पार्टी नेतृत्व को उस सीट की जानकारी नहीं दी है।
...इसलिए नहीं दे पाए सीट का नाम
सपा के सूत्रों का कहना है कि अधिकतर विधान परिषद सदस्यों को मंडल प्रभारी बनाया गया था। वे जिलों के दौरों पर थे। इस वजह से कई एमएलसी पार्टी नेतृत्व को विधानसभा सीट का नाम नहीं दे पाए थे।
चूंकि मंडल प्रभारियों ने अब अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी है, इसलिए माना जा रहा है कि कुछ दिनों में वे कामकाज के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र का चयन कर लेंगे। जिन जिला पंचायत अध्यक्षों ने अभी तक सीटों के नाम नहीं दिए हैं, वे भी दो-चार दिन में लिखकर दे देंगे।
विधान परिषद सदस्यों व जिला पंचायत अध्यक्षों को यह भी बताना होगा कि उन्होंने क्या-क्या काम किए हैं और क्या काम करेंगे। उन्हें सीट को लेकर मासिक रिपोर्ट देनी होगी।