{"_id":"ad834d3cac7ec66a3380c0cd9968c752","slug":"sp-in-trouble-for-politician","type":"story","status":"publish","title_hn":"माननीय के लिए सांसत में कप्तान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माननीय के लिए सांसत में कप्तान
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 02 Jul 2014 10:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक जिले के कप्तान को इसलिए हटना पड़ा क्योंकि अदालत के आदेश पर उनके जिले के एक थाने में एक मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया।
विज्ञापन
मुकदमा दर्ज होने पर मंत्रीजी भड़के, बात ऊपर तक गई और कप्तान साहब आड़े हाथ लिए गए। कप्तान साहब ने हाथ-पैर जोड़े, अदालत के आदेश की दुहाई दी और आनन-फानन में मुकदमा खारिज करवा दिया।
इतना करने के बाद कप्तान साहब मुतमईन हो गए थे, पर मंत्रीजी की नाराजगी बनी रही। मंत्री की मूंछों पर बात आने की वजह से आलाकमान को भी अगले ही दिन कप्तान को हटाने का आदेश जारी करना पड़ा।
विज्ञापन
संदेश यह था कि आगे से जिलों के कप्तान हैसियत में रहकर कार्रवाई करें। लेकिन कप्तानों में बेचैनी इस बात की है कि मूंछें देखें या अदालत के आदेश को।
मुकदमा दर्ज नहीं करते हैं तो अदालत के दोषी और दर्ज करते हैं तो मूंछों पर बात। नुकसान दोनों ही स्थितियों में। ऐसे में कप्तान सांसत में हैं, वह क्या करें क्या न करें।
विज्ञापन