मिले पैसे भी खर्च नहीं कर पाईं सोनिया गांधी
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केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद जिले की सांसद सोनिया गांधी को विकास कार्यों के लिए मिले पांच करोड़ रुपये में एक करोड़ खर्च नहीं हो पाए हैं। इस रकम को खर्च करने के लिए प्रस्तावों को पास कराकर विकास कार्य कराने की तैयारी है, लेकिन इसकी शुरुआत अभी नहीं हो पाई है। सांसद ने बारातघर, बिजली, सड़क, शिक्षण कक्ष में अधिक धन खर्च किया है।
सांसद सोनिया गांधी को विकास कार्यों के लिए पिछले एक साल में पांच करोड़ रुपये मिले हैं, लेकिन समय से प्रस्ताव पास न होने के कारण पूरी राशि खर्च नहीं हो सकी। निधि से चार करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बाकी प्रस्तावों को पास कराकर धनराशि को खर्च कराने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद निधि से स्कूलों में कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए भी काफी बजट दिया गया है।
सांसद से मांगे गए प्रस्ताव
डीआरडीए के परियोजना निदेशक इंद्रसेन सिंह कहते हैं कि सांसद निधि के आने वाले प्रस्तावों को पास कराकर तुरंत कार्यों को शुरू कराया जाता है। बची धनराशि एक करोड़ को खर्च करने के लिए सांसद से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव मिलते ही धन आवंटित किया जाएगा।
समय से नहीं लग पा रहे हैंडपंप
जल निगम को 22 फरवरी 2014 को 365 हैंडपंप लगाने के लिए दिए गए थे। इसमें 228 हैंडपंप ही अब तक लगाए जा सके हैं। 137 हैंडपंपों को लगाने का काम पूरा नहीं किया गया है। जल निगम सांसद निधि के हैंडपंपों को समय से नहीं लगवा पा रहा है। इससे पीने के पानी की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
आडिट में उजागर हुई मनमानी
सांसद निधि से लगाए गए हैंडपंपों का मामला आडिट में पकड़ में आया है। आडिट रिपोर्ट आने के बाद जल निगम और डीआरडीए के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। बताते हैं कि जल निगम ने मानकों को ताक पर रखकर कई हैंडपंप लगवा दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद निधि से मिलने वाली दूसरी किस्त को रोक दिया गया है।a
लेकिन इधर मोदी से नाराज दिखे कांग्रेसी
भले ही सोनिया गांधी अपनी सांसद निधि को न खर्च कर पा रही हों लेकिन जिले के कांग्रेसी मोदी सरकार पर खफा हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि अच्छे दिन का सपना दिखाकर सिर्फ जनता को ठगने का काम किया गया। जिले में विकास की रफ्तार धीमी हो गई है। वहीं आईटीआई कर्मियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। सोमवार को डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेसियों ने प्रदर्शन करते हुए यह बात कही। जिलाध्यक्ष उमाशंकर मिश्र ने कहा कि मोदी ने जनता को सिर्फ लॉलीपाप दिखाया है। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सईदुल हसन, पूर्व विधायक राजाराम त्यागी, शिवगणेश लोधी, अजयपाल सिंह आदि ने कहा कि महंगाई से जनता परेशान है। किसान, मजदूर, युवा सभी को एक साल में मायूसी हाथ लगी है। काला धन लाने का वादा झूठा निकला है। सभी ने मोदी सरकार के सौ दिन को जनविरोधी बताया। ज्ञापन में ऊंचाहार शटल ट्रेन को चालू कराने, एम्स कार्य में तेजी लाने, रेलमार्ग के दोहरीकरण कार्य में तेजी लाने, सड़कों का निर्माण, आईटीआई कर्मियों को वेतन भुगतान, किसानों को मुआवजा आदि मांग शामिल है। इस मौके पर अवधेश बहादुर, निर्मल, विजय शंकर, धीरज, वीके शुक्ला मौजूद रहे।