आग से जली 80 झोपड़ियां: गृहस्थी... तो किसी के खाक हुए अरमान, राख में जेवर और रुपये खोजते रहे लोग
लखनऊ में भीषण आग से करीब 80 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में लोगों की सालों की जमापूंजी, गृहस्थी, जेवर और बच्चों की किताबें सब कुछ नष्ट हो गया। वह खुली छत के नीचे दिन गुजारने को मजबूर हैं।
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विस्तार
राजधानी लखनऊ में सोमवार को लगी आग में किसी की गृहस्थी जल गई तो किसी के अरमान खाक हो गए। घटना के दूसरे दिन यानी मंगलवार को फैजुल्लागंज के शिव विहार कॉलोनी का दृश्य देख लोगों के दिल दहल उठे। यहां पीड़ित परिवार के लोग राख के ढेर में थोड़ी बहुत बची हुई जमापूंजी और जेवर ढूंढते दिखे।
जेवर जले, अब कैसी होगी बेटी की शादी
सुबह 11: 45 बजे प्लाट के पास बैठी रो रही एक महिला दिखी। बात करने पर उसने अपना नाम नीलोफर बताया। रोने का कारण पूछने पर उन्होंने रुंधे गले से बताया कि पति कबाड़ का काम करते है। बेटी की उम्र शादी लायक हो गई थी। पति ने खून-पसीने की कमाई से एक-एक पाई जोड़कर बेटी की शादी के लिए कुछ रकम व 60 हजार के जेवर बनवाए थे। कई सारे अरमान थे, मगर आग में जेवर के साथ वह भी जलकर राख हो गए।
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बच्चों की पढ़ाई जोड़े थे पैसे
दोपहर 12 बजे पीड़ित साबुर अली वह उनके घरवाले अपनी जली झोपड़ी की राख में कुछ खोजते नजर आए। पूछे जाने पर साबुर ने बताया कि वह कुछ खाने के डिब्बे खोज रहे हैं, ताकि बच्चों के पेट भर सकें। उन्होंने कहा कि वह सफाई कर्मी हैं। किसी तरह से बच्चों की स्कूल की पढ़ाई के और भरण पोषण के लिए 50 हजार रुपये जमा किए थे, जो राख हो गए।
राख की ढेर से किताब निकाल कर पढ़ते दिखे बच्चे
थोड़ा आगे बढ़ने पर दोपहर 12:15 बजे दो भाई सगे भाई इब्राहिम अली और असगर अली अपनी किताबें खोज रहे थे। तभी उनकी नजर तीन से चार किताबों पर पढ़ीं। इनमें से कुछ अधजली थीं तो कुछ सही थीं। बात करने पर बच्चों ने बताया कि पिता ने कुछ माह पहले ही स्कूल में दाखिला कराया था। मगर आग से यूनिफॉर्म , बैग और रुपये सब जल गए। अब वह स्कूल नहीं जा सकेंगे।
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नेता और समाज सेविका मदद को आईं आगे
घटना के अगले दिन सपा नेता पूजा शुक्ला, समाज सेविका ममता त्रिपाठी व अन्य लोग पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने खाने-पीने के साथ ही छांव और आराम के लिए टेंट भी लगवाए। इसके साथ ही हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया।
डीएम व नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग
झोपड़ियों में आग लगने पर प्लॉट से सटे हरिराम के मकान को काफी नुकसान पहुंचा था। उनके सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए थे। साथ ही दीवारों में भी दरारें आ गई थी। इसी तरह सत्य प्रकाश और विपिन मिश्रा को भी काफी आर्थिक क्षति हुई। हरिराम ने बताया कि वह और अन्य लोग जल्द ही संयुक्त रूप से डीएम और नगर आयुक्त को शिकायती पत्र देंगे। उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।