सरकारी दामाद की डायरी में छिपे बड़े नेताओं के 'राज'
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नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के काले कारनामों की एक और डायरी सामने आई है। सोमवार को लॉकर से बरामद हुई इस डायरी में यादव सिंह की तैनाती-बहाली और ‘फर्श से अर्श तक’ पहुंचने की कुंडली दर्ज है।
इसमें उसके मददगार अफसरों और नेताओं का नाम दर्ज है, जो मलाई खाकर उसे मलाईदार पोस्टिंग दिलाते रहे। आयकर विभाग के अफसरों ने सोमवार की पूरी रात इस डायरी के सिलसिले में यादव सिंह और उनकी पत्नी कुसुमलता से पूछताछ की।
इसके पहले यादव सिंह के घर से भी एक डायरी बरामद हुई थी, जिसमें काली कमाई में कमीशन कहां-कहां जाता था, यह दर्ज है।सोमवार को आयकर विभाग के अफसरों ने यादव सिंह के सामने ही दिल्ली में एक लॉकर को खोला था।
इस लॉकर से कारोबारी दस्तावेज के साथ ही डायरी बरामद हुई थी। इस डायरी को पढ़ अफसर भौचक्के रह गए। डायरी में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक की राजनीति करने वाले कुछ बड़े नेताओं और अफसरों की कारगुजारी दर्ज है।
बताया जा रहा है कि नेताओं और अफसरों ने यादव सिंह की बहाली कराने एवं कमाऊ तैनाती कराने में कब और कितने ‘सुविधा शुल्क’ की उगाही की, यह सब दर्ज है।
डायरी सामने आने पर आयकर अफसर पूछताछ के लिए यादव सिंह को गोपनीय स्थान पर लेकर चले गए। बाद में वहीं कुसुमलता को भी तलब किया गया।
ओएसडी-बैंक कर्मी बन गए अरबपति
सोमवार पूरी रात यादव सिंह एवं कुसुमलता से डायरी के आधार पर पूछताछ चली और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। मंगलवार को भी इस खेल में शामिल लोगों को तलब कर पूछताछ का सिलसिला जारी रहा।
आयकर अफसरों की जांच में सामने आया है कि यादव सिंह की मेहरबानियों से कुछ लोग रातों-रात अरबपति बन गए। इनमें से एक नोएडा में ओएसडी था तो एक सहकारी बैंक में मामूली कर्मचारी। इन दोनों नौकरी छोड़कर नोएडा अथॉरिटी के प्लॉट हथियाकर बेचने में लग गए। अब दोनों अरबपति बिल्डर हैं। इनका काला चिट्ठा हाथ लगने पर दोनों से पूछताछ की तैयारी शुरू हो गई है।
डायरी में लेन-देन का ब्यौरा भी
लॉकर से निकली डायरी में कुछ ऐसी बड़ी डील दर्ज हैं, जिसमें बड़े नेताओं और नोएडा अथॉरिटी के आला अफसरों के बीच हुए लेनदेन का ब्यौरा भी है। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि यह डायरी कई नेताओं व अफसरों की दलाली को उजागर कर रही है जिससे यादव सिंह के लिए जोखिम बढ़ गया है। आयकर विभाग ने इसीलिए पूछताछ की वीडियोग्राफी कराई है।
पासपोर्ट भी हुआ जब्त
प्रमुख अभियंता यादव सिंह के यहां आयकर छापे के बाद परत दर परत राज खुलते जा रहे हैं। टीम ने पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। उन्होंने अब तक किन-किन देशों की यात्रा की है, उसका लेखाजोखा खंगाला जा रहा है।
टीम यादव के बेटे से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। उनकी पत्नी से दूसरे प्रदेशों में भी ले जाकर पूछताछ शुरू हो गई है। राजस्थान में काली कमाई खपाने की जानकारी विभाग को हाथ लगी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच एजेंसियों ने यादव सिंह का पासपोर्ट भी जब्त कर रखा है जिससे वे देश से बाहर न जा सकें। 2012 में जब 954 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी उस दौरान वे नेपाल के रास्ते खाड़ी देशों में पहुंच गए थे।
तब उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करा दिया गया था। सब कुछ मैनेज होने के बाद वे वापस देश लौटे थे। लेकिन इस बार आयकर विभाग की टीम ने उनका पासपोर्ट व संबंधित कागजात जब्त कर लिया है। ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सकें।
वहीं, अपनी काली कमाई की चपेट में परिवार न आए इसलिए उन्होंने अपने बेटे का सरनेम तक बदल डाला। जिससे बेटे की ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में पोस्टिंग में किसी तरह की दिक्कत न हो। यादव सिंह का बेटा ग्रेनो प्राधिकरण में नियुक्त है।
फिलहाल यादव सिंह के लॉकर खुलने का सिलसिला जारी है। सभी लॉकर बड़े आकार के हैं। कुछ लॉकरों में इनके बेटे से जुड़े कुछ कागजात भी सामने आए हैं। जिसको लेकर जल्द ही पूछताछ हो सकती है।