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UP: आधार कार्ड पर फोटो पहचानने में सॉफ्टवेयर नाकाम, लर्निंग डीएल आवेदन की व्यवस्था में खामी उजागर
Thu, 06 Jun 2024 10:30 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 06 Jun 2024 10:30 PM IST
सार
सारथी पोर्टल के जरिये आवेदक घर बैठे ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। पर, इस पोर्टल पर ऑनलाइन टेस्ट में आवेदनकर्ता के फेस ऑथेटिंकेशन नहीं होने से परेशान हो रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
आधार कार्ड पर फोटो पहचानने में एनआईसी का सॉफ्टवेयर नाकाम हो रहा है। इससे लर्निंग डीएल के लिए आवेदन करने वालों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह खामी परिवहन विभाग की आधार प्रमाणीकरण के जरिये ऑनलाइन लर्निंग डीएल आवेदन व्यवस्था में हाल ही में उजागर हुई है। सारथी पोर्टल के जरिये आवेदक घर बैठे ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। पर, इस पोर्टल पर ऑनलाइन टेस्ट में आवेदनकर्ता के फेस ऑथेटिंकेशन नहीं होने से परेशान हो रहे हैं।
दरअसल, जनवरी 2022 में यूपी में फेसलेस आधार प्रमाणीकरण ऑनलाइन लर्नर लाइसेंस की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य था कि आरटीओ कार्यालय आए बिना आवेदक लर्निंग लाइसेंस बनवा सकें। पर, आवेदकों को इंटरनेट की समस्या से जूझना पड़ा। खासतौर से ग्रामीण परिवेश के आवेदकों को। वहीं आधार प्रमाणीकरण में फोटो पहचान में दिक्कतें होने से मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
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इस खामी को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने एनआईसी को पत्र लिखकर सॉफ्टवेयर में बदलाव करने को कहा है। पता चला कि एनआईसी के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सुविधा नहीं है। अपर परिवहन आयुक्त आईटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण ऑनलाइन शिक्षार्थी लर्नर लाइसेंस जारी करने में गड़बड़ी सामने आई है। सॉफ्टवेयर में बदलाव के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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दरअसल, जनवरी 2022 में यूपी में फेसलेस आधार प्रमाणीकरण ऑनलाइन लर्नर लाइसेंस की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य था कि आरटीओ कार्यालय आए बिना आवेदक लर्निंग लाइसेंस बनवा सकें। पर, आवेदकों को इंटरनेट की समस्या से जूझना पड़ा। खासतौर से ग्रामीण परिवेश के आवेदकों को। वहीं आधार प्रमाणीकरण में फोटो पहचान में दिक्कतें होने से मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
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