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स्टार्टअप्स के लिए नेक्स्ट-जी स्कीम: यूपी से हो रहा 47887 करोड़ के सॉफ्टवेयर का निर्यात, 25 लाख तक की फंडिंग

Sat, 20 Sep 2025 08:18 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 20 Sep 2025 08:18 AM IST
सार

वर्तमान में यूपी से 47887 करोड़ के सॉफ्टवेयर का निर्यात हो रहा है। यह जानकारी राजधानी में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में दी गई। स्टार्टअप्स के लिए नेक्स्ट-जी स्कीम है। इसके तहत 25 लाख तक की फंडिंग दी जा रही है। 

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Software exports worth 47,887 crore from UP, Next-G scheme for startups
सॉफ्टवेयर कंपनी । (सांकेतिक) - फोटो : Istock

विस्तार

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) में पंजीकृत आईटी इकाइयों ने वर्ष 2024-25 में 10.67 लाख करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात किया। उत्तर प्रदेश से 47887 करोड़ का सॉफ्टवेयर निर्यात किया गया। स्टार्टअप ईकोसिस्टम को फंडिंग के लिए नेक्स्ट जेनरेशन इनक्यूबेशन स्कीम के तहत 25 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग दी जा रही है। ये जानकारी स्टार्टअप एवं नीति निर्माताओं ने गोमतीनगर में शुक्रवार को आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में दी गई। इसका आयोजन एसटीपीआई ने किया था।

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इस स्कीम में फंडिंग के अतिरिक्त मेंटरशिप, इन्वेस्टर कनेक्ट भी किया जाता है। इस योजना का लाभ 686 स्टार्टअप्स को दिया गया है। लखनऊ एवं प्रयागराज केंद्र से 75 स्टार्टअप्स को इस योजना का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की विशेष सचिव नेहा जैन, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के एमडी रवि रंजन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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एक हजार से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा रहा

एसटीपीआई लखनऊ के अपर निदेशक व प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि एसटीपीआई के पूरे देश में 68 केंद्र हैं जिनमें से 60 टीयर 2 एवं टीयर 3 शहरों में हैं। साथ ही पूरे देश में 24 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप भी स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से एक हजार से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा रहा है। 

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इवेंट्स एवं फंडिंग कनेक्ट का लाभ दिया जा रहा

लखनऊ में मेडटेक सेंटर से हेल्थटेक क्षेत्र के स्टार्टअप्स को प्रमोट किया जा रहा है। वर्तमान में 55 स्टार्टअप सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं और 17 पेटेंट भी फाइल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप ईको सिस्टम के लिए एक कम्युनिटी प्लेटफार्म सयुज भी विकसित किया गया है। इसके माध्यम से आपसी सहयोग, इवेंट्स एवं फंडिंग कनेक्ट का लाभ दिया जा रहा है। 



डॉ. जीएन सिंह ने बताया कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक 60 खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाए जाने के लिए स्टार्टअप एवं आईटी क्षेत्र की भूमिका पर विशेष महत्व दिया गया है।

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