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लापरवाही बरतने पर एसओ दोस्तपुर निलंबित, दुष्कर्म पीड़िता ने विधानसभा के बाहर किया था आत्मदाह का प्रयास
Fri, 12 Mar 2021 05:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 12 Mar 2021 05:10 PM IST
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पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद महिला (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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दोस्तपुर थाना क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता के आरोपों के मामले में एसपी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए दोस्तपुर एसओ को निलंबित कर दिया है। पिछले बुधवार को पीड़िता ने विधानसभा भवन लखनऊ के सामने आत्मदाह की कोशिश करते हुए एसओ पर गंभीर आरोप लगाए थे। दोस्तपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती पिछली छह जनवरी को घर में सो रही थी। तभी रामपुर अहेथा थाना बेवाना जिला अंबेडकर नगर निवासी राजू वर्मा और अजय वहां पहुंच गए।
राजू वर्मा ने युवती के साथ दुराचार किया था। युवती की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने राजू वर्मा को पकड़कर यूपी 112 को सौंप दिया था जबकि अजय भाग निकला था। सात जनवरी को पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर राजू और अजय के खिलाफ केस दर्ज कर उसका 164 का बयान दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप है कि एसओ दोस्तपुर यादवेंद्र बहादुर पाल ने राजू को थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया था, जिसके बाद से आरोपी उसे धमकी दे रहे थे। पिछले बुधवार को पीड़िता ने लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसकी सूचना जिले में पहुंची तो पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए थे। पुलिस ने दुष्कर्म में शामिल राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने एसओ दोस्तपुर की भूमिका की जांच एएसपी विपुल श्रीवास्तव को सौंपी थी। शुक्रवार को एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने एसओ दोस्तपुर यादवेंद्र बहादुर पाल को निलंबित करते हुए पीआरओ रहे प्रद्युम्न कुमार सिंह को एसओ दोस्तपुर की जिम्मेदारी सौंपी है।
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राजू वर्मा ने युवती के साथ दुराचार किया था। युवती की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने राजू वर्मा को पकड़कर यूपी 112 को सौंप दिया था जबकि अजय भाग निकला था। सात जनवरी को पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर राजू और अजय के खिलाफ केस दर्ज कर उसका 164 का बयान दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप है कि एसओ दोस्तपुर यादवेंद्र बहादुर पाल ने राजू को थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया था, जिसके बाद से आरोपी उसे धमकी दे रहे थे। पिछले बुधवार को पीड़िता ने लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसकी सूचना जिले में पहुंची तो पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए थे। पुलिस ने दुष्कर्म में शामिल राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने एसओ दोस्तपुर की भूमिका की जांच एएसपी विपुल श्रीवास्तव को सौंपी थी। शुक्रवार को एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने एसओ दोस्तपुर यादवेंद्र बहादुर पाल को निलंबित करते हुए पीआरओ रहे प्रद्युम्न कुमार सिंह को एसओ दोस्तपुर की जिम्मेदारी सौंपी है।
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