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Lucknow News: छोटी-छोटी कोशिशें चेहरों पर ला रहीं मुस्कान
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पीड़ितों की मदद करते समाजसेवी।
विवेक पांडेय
गुडंबा। विकासनगर अग्निकांड के बाद जहां पीड़ित परिवार अपने आशियाने को फिर से खड़ा करने में जुटे हैं, वहीं, शहर के युवा उनकी जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रहे हैं। इन युवाओं की प्राथमिकता सिर्फ राहत सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की कोशिश में भी लगे हैं।
बटहा गांव निवासी शैलेंद्र वर्मा घटना के दूसरे दिन से ही राहत कार्य में जुटे हैं। शनिवार को जब वह मच्छरदानियां बांट रहे थे, तभी वहां बच्चों ने उनसे चाय पिलाने की इच्छा जताई और रविवार सुबह वह चाय लेकर पहुंच गए। मासूमों ने चुस्की के साथ चाय का आनंद लिया तो माहौल से कुछ देर के लिए ही सही, मगर दर्द दूर हो गया।
ऐसे प्रयासों में शैलेंद्र अकेले नहीं हैं। अवध इनोवेटिव फाउंडेशन के सचिव एमके खान अपनी युवा टीम आफरीन, सबा खान, ऐशल, इंशा, शाजिया और नाजिया के साथ जरूरतमंदों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ बच्चों की जरूरतों का भी ध्यान रख रही है। इन युवाओं का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
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युवाओं की यह पहल न सिर्फ राहत पहुंचा रही है, बल्कि समाज के सामने मिसाल भी पेश कर रही है कि मुश्किल वक्त में छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़ी उम्मीद बन सकती हैं।
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गुडंबा। विकासनगर अग्निकांड के बाद जहां पीड़ित परिवार अपने आशियाने को फिर से खड़ा करने में जुटे हैं, वहीं, शहर के युवा उनकी जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रहे हैं। इन युवाओं की प्राथमिकता सिर्फ राहत सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की कोशिश में भी लगे हैं।
बटहा गांव निवासी शैलेंद्र वर्मा घटना के दूसरे दिन से ही राहत कार्य में जुटे हैं। शनिवार को जब वह मच्छरदानियां बांट रहे थे, तभी वहां बच्चों ने उनसे चाय पिलाने की इच्छा जताई और रविवार सुबह वह चाय लेकर पहुंच गए। मासूमों ने चुस्की के साथ चाय का आनंद लिया तो माहौल से कुछ देर के लिए ही सही, मगर दर्द दूर हो गया।
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ऐसे प्रयासों में शैलेंद्र अकेले नहीं हैं। अवध इनोवेटिव फाउंडेशन के सचिव एमके खान अपनी युवा टीम आफरीन, सबा खान, ऐशल, इंशा, शाजिया और नाजिया के साथ जरूरतमंदों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ बच्चों की जरूरतों का भी ध्यान रख रही है। इन युवाओं का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
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युवाओं की यह पहल न सिर्फ राहत पहुंचा रही है, बल्कि समाज के सामने मिसाल भी पेश कर रही है कि मुश्किल वक्त में छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़ी उम्मीद बन सकती हैं।

पीड़ितों की मदद करते समाजसेवी।

पीड़ितों की मदद करते समाजसेवी।

पीड़ितों की मदद करते समाजसेवी।