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लखनऊ यूनिवर्सिटीः चप्पल पहनी तो नहीं मिलेगा मेस में खाना, छात्रों में आक्रोश
Thu, 12 Sep 2019 12:11 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:11 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को खाना खाने के लिए मेस में जूते पहनकर ही आना होगा। हवाई चप्पल को अनुचित पोशाक मानकर प्रोवोस्ट ने इस पर रोक लगा दी है। हवाई चप्पल पहनने पर रोक से विद्यार्थियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि रात में खाना खाने जाने के लिए उन्हें जूते और फॉर्मल कपड़े पहनना पड़ रहा है।
मामला विवि के नवीन परिसर के लॉ हॉस्टल का है। वहीं लविवि प्रशासन ने इसे अनुशासन के तहत कई व्यवस्था बताया है। विवि के नवीन परिसर के छात्रावास में मेस के लिए प्रोवोस्ट ने नोटिस बोर्ड पर आदेश चस्पा किया है। इसके अनुसार सभी विद्यार्थियों को मेस में उचित पोशाक में ही आना है।
अनुचित पोशाक होने पर उन्हें मेस में नहीं जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही उचित और अनुचित पोशाक की सूची भी दी गई है। इस सूची के अनुसार कच्छा, बनियान या फिर हवाई चप्पल को अनुचित पोशाक माना गया है। उचित पोशाक में संभ्रांत ड्रेस होने तथा जूते या फिर पीछे बंधने वाले चप्पल को ही मान्यता दी गई है।
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मामला विवि के नवीन परिसर के लॉ हॉस्टल का है। वहीं लविवि प्रशासन ने इसे अनुशासन के तहत कई व्यवस्था बताया है। विवि के नवीन परिसर के छात्रावास में मेस के लिए प्रोवोस्ट ने नोटिस बोर्ड पर आदेश चस्पा किया है। इसके अनुसार सभी विद्यार्थियों को मेस में उचित पोशाक में ही आना है।
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अनुचित पोशाक होने पर उन्हें मेस में नहीं जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही उचित और अनुचित पोशाक की सूची भी दी गई है। इस सूची के अनुसार कच्छा, बनियान या फिर हवाई चप्पल को अनुचित पोशाक माना गया है। उचित पोशाक में संभ्रांत ड्रेस होने तथा जूते या फिर पीछे बंधने वाले चप्पल को ही मान्यता दी गई है।
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चप्पल ही पहनने वाले विद्यार्थियों को हो रही परेशानी
इस पर विद्यार्थियों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि यह सही नहीं है। असामान्य पोशाक पहनने पर रोक लगाना तो ठीक है, लेकिन इस तरह से हवाई चप्पल पहनने से रोकना सही नहीं है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो हवाई चप्पल ही पहनते हैं। इस आदेश से उन्हें भी परेशानी हो रही है।
वैसे भी रात नौ बजे सिर्फ खाना खाने जाने के लिए जूते और ड्रेस पहनना कहीं से भी व्यवहारिक नहीं है। लविवि के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने कहा कि हर संस्थान में अपना अनुशासन और व्यवस्था होती है। इसी के तहत प्रोवोस्ट ने यह निर्देश जारी किया है। विद्यार्थियों को इसका पालन करना चाहिए।
वैसे भी रात नौ बजे सिर्फ खाना खाने जाने के लिए जूते और ड्रेस पहनना कहीं से भी व्यवहारिक नहीं है। लविवि के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने कहा कि हर संस्थान में अपना अनुशासन और व्यवस्था होती है। इसी के तहत प्रोवोस्ट ने यह निर्देश जारी किया है। विद्यार्थियों को इसका पालन करना चाहिए।