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33 दिनों तक जंग के बाद सीतापुर कोरोना मुक्त, डॉक्टर बोले- जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि

Mon, 11 May 2020 02:20 PM IST
ishwar ashish जयमल सिंह, अमर उजाला, सीतापुर
जयमल सिंह, अमर उजाला, सीतापुर Published by: ishwar ashish Updated Mon, 11 May 2020 02:20 PM IST
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Sitapur becomes corona free after 33 days.
जिले के कोरोना मुक्त होने पर खुशी जताते डॉक्टर्स। - फोटो : amar ujala

करीब 33 दिनों की जद्दोजहद व तनाव के बीच रविवार की सुबह सीतापुर के लिए खुशियों का पैगाम लेकर आई। कोरोना से चल रही जंग में सीतापुर ने मैदान मार लिया। यहां अब तक मिलने वाले सभी 20 संक्रमित मरीज ठीक हो गए हैं। शत-प्रतिशत रिकवरी के बाद फिलहाल जिला कोरोना मुक्त हो गया है।

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जिले का स्वास्थ्य महकमा इस कामयाबी से खासा उत्साहित है। जिले में छह अप्रैल को पहली बार आठ जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। फिर एक के बाद एक कुल 20 मरीज कोरोना संक्रमित मिले। सभी मरीजों का कोविड लेवल-1 अस्पताल खैराबाद में इलाज शुरू किया गया। कोरोना से चल रही जंग के 34वें दिन 10 मई को सीतापुर ने कोरोना को परास्त करते हुए मैदान मार लिया।
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अब सवाल उठता है कि कोरोना के इलाज की दवा नहीं होने पर भी मरीज ठीक कैसे हो गए! दरअसल, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन के मुताबिक इलाज कर चिकित्सकों ने कामयाबी का डंका बजा दिया। कोविड लेवल-1 अस्पताल खैराबाद में कोरोना मरीजों का इलाज लक्षण को देखकर किया गया। किस तरह की बीमारी के लक्षण होने पर कौन सी दवा देनी है, इसके पैरामीटर तय थे। किस मरीज को कितनी मात्रा में दवा देनी है, इसका निर्णय भी स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के मुताबिक ही किया गया।
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हेल्दी डाइट, सोशल डिस्टेंसिंग, समय-समय पर मरीजों के हाथ धुलवाना और सैनिटाइज करना इलाज का अहम हिस्सा बनाया गया। डॉक्टरों ने इस बात का खास ख्याल रखा कि मरीज को तनिक भी घबराहट न होने पाए। मरीज का मनोबल नहीं टूटने दिया गया। नतीजतन, इस लड़ाई के 34वें दिन सीतापुर फिलहाल कोरोना मुक्त हो गया।

डॉक्टर बोले, खुशी बयान नहीं कर सकते

डॉक्टर शाहिद का कहना है कि कोविड लेवल-1 अस्पताल में सेवाएं देने वाली चिकित्सकों की टीम में शामिल रहना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सभी 20 मरीजों के स्वस्थ होने से किस तरह खुशी महसूस हो रही है, उसे बयान नहीं कर सकते हैं। मरीजों की शारीरिक क्षमता व मनोबल कमजोर नहीं होने दिया गया। गाइड लाइन के मुताबिक जांच, हेल्दी डाइट, सोशल डिस्टेंसिंग व सफाई का विशेष ख्याल रखा गया।

डॉक्टर कामरान अबुल कहते हैं कि कोरोना संक्रमित मरीजों का हौसला बढ़ाते रहना इलाज का अहम हिस्सा रहा। मरीज की इम्युनिटी कमजोर नहीं होने दी गई। रोजाना निर्धारित समय पर सभी तरह की जांच की जाती रही। एक्सरसाइज के साथ ही मरीजों को एक खुशनुमा माहौल उपलब्ध कराया गया। सभी मरीजों का ठीक होना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।

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