यूपी में एसआईआर: 60 फीसदी मतदाताओं को बांटे गए गणना फॉर्म, अखिलेश बोले- सपा वोटरों को काटने की साजिश
SIR in UP:यूपी में एसआईआर की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक 60 प्रतिशत मतदाताओं को गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं।
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक बार फिर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा की। समीक्षा में यह पाया गया कि प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ के सापेक्ष अब तक 9.38 करोड़ (60 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किये जा चुके हैं।
50 प्रतिशत से कम गणना प्रपत्र वितरण करने वाले 13 जिलों- कानपुर नगर, मुरादाबाद, महोबा, कानपुर देहात, आगरा, उन्नाव, जौनपुर, लखनऊ, अमरोहा, वाराणसी, मिर्जापुर, देवरिया और रायबरेली को वितरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने 15 नवंबर तक गणना प्रपत्र शत-प्रतिशत वितरित कराये जाने के निर्देश दिए। मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से अपना मतदाता पहचान पत्र संख्या डालकर गणना प्रपत्र आनलाइन भी भर सकते हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि एसआईआर के लिए भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने अपने जिला प्रतिनिधियों की सूची उपलब्ध करा दी है। सीईओ ने निर्देश दिए कि इनसे संपर्क कर बूथ लेबल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का अनुरोध किया जाय, जो पुनरीक्षण कार्यों में बीएलओ का सहयोग करेंगे।
बीएलओ दीपाली ने की 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग
लखनऊ में विधानसभा क्षेत्र लखनऊ मध्य के बूथ नंबर-85 की बीएलओ दीपाली निगम ने अपने बूथ पर लगभग 75 प्रतिशत मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग कर ली है। इनका कार्य अत्यंत सराहनीय पाया गया। ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले सभी बीएलओ को प्रोत्साहित करते हुए अधिक से अधिक मतदाताओं को मैपिंग कराए जाने के निर्देश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए।
सपा समर्थक मतदाताओं को हटाने की साजिश है एसआईआर : अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा एसआईआर के माध्यम से साजिश करने पर तुली है। उसकी मंशा पात्र मतदाताओं और विशेषकर सपा के समर्थकों को मतदान से वंचित करना है। उन्होंने सभी से मतदाता बनाने के काम को गंभीरता से लेने और इसमें पूरी तरह से जुटने का आह्वान किया है। वे मंगलवार को सपा मुख्यालय में पुनरीक्षण अभियान पर नजर रखने के लिए हुई पार्टी विधायकों की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पूरी सावधानी से लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की है। जनता के बीच सपा सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने के साथ अपनी भाषा और व्यवहार से लोगों के बीच जीत का माहौल भी बनाना है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से लोकतंत्र के साथ संविधान को भी बचाना हैं, तभी आरक्षण बचेगा और पिछड़ो, दलितों, अल्पसंख्यको को उनका हक और सम्मान हासिल होगा।