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अब खैर नहीं : एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल से होगी व्यापारियों के कर चोरी की जांच
Tue, 07 May 2019 09:15 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 07 May 2019 09:15 PM IST
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प्रदेश में व्यापारियों के टैक्स चोरी की जांच अब एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल से होगी। इससे जहां व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा, वहीं जांच प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी होगी।
बता दें, जीएसटी लागू होने के बाद राज्य सरकार ने उप्र माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में माल परिवहन से संबंधित कारोबार, भंडारण, गोदाम समेत अन्य गतिविधियों की जांच का प्रावधान किया है।
इसकी जिम्मेदारी वाणिज्य कर विभाग के अधीन काम करने वाली विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की है। मगर, जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने के कारण व्यापारियों के उत्पीड़न की आशंका बनी रहती है।
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इधर, मुख्यालय पर होने वाली समीक्षा बैठकों में शिकायतें मिलती रही हैं कि एसआईबी टीम व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, पेमेंट, रिफंड व ई-वे बिल से संबंधित ऑनलाइन डाटा का अध्ययन किए बिना जांच शुरू करती है।
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बता दें, जीएसटी लागू होने के बाद राज्य सरकार ने उप्र माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में माल परिवहन से संबंधित कारोबार, भंडारण, गोदाम समेत अन्य गतिविधियों की जांच का प्रावधान किया है।
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इसकी जिम्मेदारी वाणिज्य कर विभाग के अधीन काम करने वाली विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की है। मगर, जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने के कारण व्यापारियों के उत्पीड़न की आशंका बनी रहती है।
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इधर, मुख्यालय पर होने वाली समीक्षा बैठकों में शिकायतें मिलती रही हैं कि एसआईबी टीम व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, पेमेंट, रिफंड व ई-वे बिल से संबंधित ऑनलाइन डाटा का अध्ययन किए बिना जांच शुरू करती है।
यही नहीं, जांच की मूल प्रक्रिया की भी अनदेखी की जाती है। हाल ही वाणिज्य कर के अधिकारियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न संबंधी शिकायतों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी थी कि जांच के लिए ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें व्यापारियों का उत्पीड़न न हो।
वाणिज्य कर विभाग ने सीएम की मंशा के अनुरूप एक मॉड्यूल तैयार किया है। इसे एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल का नाम दिया गया है। अब इसी से टैक्स चोरी की जांच की जाएगी।
वहीं, रैंडम जांच के लिए व्यापारियों के चयन संबंधी मानक भी तय किए गए हैं। इसके बाद सभी जोन के एडिशनल कमिश्नरों को एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल से ही टैक्स चोरी की जांच संबंधी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाणिज्य कर विभाग ने सीएम की मंशा के अनुरूप एक मॉड्यूल तैयार किया है। इसे एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल का नाम दिया गया है। अब इसी से टैक्स चोरी की जांच की जाएगी।
वहीं, रैंडम जांच के लिए व्यापारियों के चयन संबंधी मानक भी तय किए गए हैं। इसके बाद सभी जोन के एडिशनल कमिश्नरों को एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल से ही टैक्स चोरी की जांच संबंधी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल
प्रदेश में एसआईबी मैनेजमेंट मॉड्यूल लागू होने के बाद सभी करदाता व्यापारियों की प्रोफाइल उनकी ओर से उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन विवरणों के आधार पर तैयार हो जाएगा। वहीं, इस मॉड्यूल में टैक्स चोरी संबंधी जांच से जुड़े सभी बिंदुओं की जानकारी पहले से फीड रहेगी।
साथ ही, जांच से संबंधित सभी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। एसआईबी की टीम को माल की जांच से संबंधित ब्योरे को तत्काल विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा ताकि व्यापारियों को पता चलता रहे कि किन-किन बिंदुओं पर जांच हो रही है।
साथ ही, जांच से संबंधित सभी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। एसआईबी की टीम को माल की जांच से संबंधित ब्योरे को तत्काल विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा ताकि व्यापारियों को पता चलता रहे कि किन-किन बिंदुओं पर जांच हो रही है।