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Lucknow News: लघु फिल्मों, किताबों को मिले कद्रदान
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फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन करते बीबीएयू के कुलपति व अन्य।
लखनऊ। काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी के अवसर पर तीन दिवसीय 19वें अयोध्या फिल्म फेस्टिवल का आगाज बुधवार को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में हुआ। पहले दिन 17 लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा परिसर में लगी पुस्तकों की प्रदर्शनी को देखने शौकीनों की भीड़ जुटी रही।
अवसर पर पेंटिंग व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। फेस्टिवल फाउंडर डॉ. शाह आलम राणा व चेयरमैन प्रो. मोहन दास ने कहा कि यह फेस्टिवल अहम सांस्कृतिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, इतिहास और समकालीन सामाजिक मुद्दों को सिनेमा के जरिये प्रस्तुत करना है।
उद्घाटन कार्यक्रम में काकोरी घटनाक्रम से जुड़े क्रांतिकारी सचींद्रनाथ बख्शी की पौत्री मीता बख्शी, मैक्सिको के फिल्म निदेशक पास्कल बोरेल, महुआ डाबर म्यूजियम के जीपी सिन्हा, डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस विक्टर बाबू मौजूद रहे।
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इन फिल्मों की हुई स्क्रीनिंग
द फर्स्ट फिल्म, प्रभात फेरी, मंच, मृगमरीचिका, एक वजह, द फिफ्थ एज/ला क्विंटा, एदाद, असुनी चीखें, डेविला, वंश, जाग, मंडी हाउस का मेंटल, नॉट, द नेक्स्ट फिल्म, माय हार्ट, द रिबोर्न कोकून, द लॉस्ट गोट, वाराणसी द सिटी ऑफ ड्रीम्स। इनमें से पियूष ठाकुर की ओर से निर्देशित लघु फिल्म -द फर्स्ट फिल्म को इस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
पेंटिंग में बच्चों ने दिखाया हुनर
फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन ''स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका'' विषय पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने हुनर दिखाया। अवसर पर काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रश्नोत्तरी में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें शहीदों की वारगाथा वाली किताबें शौकीनों की पसंद रहीं।
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अवसर पर पेंटिंग व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। फेस्टिवल फाउंडर डॉ. शाह आलम राणा व चेयरमैन प्रो. मोहन दास ने कहा कि यह फेस्टिवल अहम सांस्कृतिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, इतिहास और समकालीन सामाजिक मुद्दों को सिनेमा के जरिये प्रस्तुत करना है।
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उद्घाटन कार्यक्रम में काकोरी घटनाक्रम से जुड़े क्रांतिकारी सचींद्रनाथ बख्शी की पौत्री मीता बख्शी, मैक्सिको के फिल्म निदेशक पास्कल बोरेल, महुआ डाबर म्यूजियम के जीपी सिन्हा, डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस विक्टर बाबू मौजूद रहे।
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इन फिल्मों की हुई स्क्रीनिंग
द फर्स्ट फिल्म, प्रभात फेरी, मंच, मृगमरीचिका, एक वजह, द फिफ्थ एज/ला क्विंटा, एदाद, असुनी चीखें, डेविला, वंश, जाग, मंडी हाउस का मेंटल, नॉट, द नेक्स्ट फिल्म, माय हार्ट, द रिबोर्न कोकून, द लॉस्ट गोट, वाराणसी द सिटी ऑफ ड्रीम्स। इनमें से पियूष ठाकुर की ओर से निर्देशित लघु फिल्म -द फर्स्ट फिल्म को इस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
पेंटिंग में बच्चों ने दिखाया हुनर
फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन ''स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका'' विषय पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने हुनर दिखाया। अवसर पर काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रश्नोत्तरी में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें शहीदों की वारगाथा वाली किताबें शौकीनों की पसंद रहीं।