फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shiya and sunni together read namaz in lucknow

शिया-सुन्नी ने साथ नमाज पढ़ मनाई यादगार बकरीद

Fri, 25 Sep 2015 09:26 PM IST
Updated Fri, 25 Sep 2015 09:26 PM IST
विज्ञापन
shiya and sunni together read namaz in lucknow

मशहूर शायर अनवर जलालपुरी की ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं सोशल मीडिया पर बने ग्रुप ‘शोल्डर्स-टू-शोल्डर्स’ पर। चंद नौजवानों की पहल पर बने इस ग्रुप की बदौलत शुक्रवार को लखनऊ में बकरीद के मुबारक मौके पर इत्तेहाद की नई मिसाल कायम हुई।

विज्ञापन


सिब्तैनाबाद इमामबाड़े में सुबह शिया और सुन्नी कंधे से कंधा मिलाकर ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी। ग्रुप के कन्वीनर हैदर बताते हैं कि ख्याल आया कि आज जब पूरी दुनिया एकता की बात कर रही है तो मुसलमान अलग-अलग फिरके के नाम पर क्यों एक-दूसरे के दुश्मन बने हैं। अपने दोस्त और ग्रुप कन्वीनर आतिफ से बात की तो उन्हें भी इस लड़ाई पर ऐतराज था।
विज्ञापन


हम दोनों ने कई और दोस्तों से बात की तो सभी के दिल में यही सवाल था कि एक ही मजहब के अनुयायी आपस में क्यों लड़ रहे हैं। बस तय किया कि इस बकरीद पर साथ नमाज पढ़ कर पूरी दुनिया के सामने एकता की मिसाल कायम करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बस क्या था, दोस्तों का एक ग्रुप बना लिया ‘शोल्डर्स-टू-शोल्डर्स’। कुछ ही दिनों में मिली पॉपुलरिटी ने हमारे हौसलों को उड़ान दी। जल्द ही फेसबुक पर भी एक पेज बन गया, जहां दुनिया भर से लोगों ने इस नेक मकसद की तारीफ की। अब तक तकरीबन 1800 लोगों ने इसमें आने की सहमति दे दी।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सराहा इस पहल को

shiya and sunni together read namaz in lucknow

यह बहुत ही अच्छी पहल है। शिया और सुन्नियों की इबादत और उसके तरीके तकरीबन एक ही से हैं। बस दोनों में बकरीद उल फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज के तरीके कुछ अलग हैं। मेरा मानना है कि दोनों को एक ही जगह पर नमाज पढ़नी चाहिए। इस नेक तहरीक का मैं दिल से स्वागत करता हूं और इंशाअल्लाह खुद वहां रहकर इस नेक काम में लगे लोगों की हौसलाअफजाई करूंगा।
- मौलाना कल्बे सादिक, उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

जब लोगों को आपस में लड़ा कर कमजोर किया जा रहा है, ऐसे माहौल में इस तरह की पहल का स्वागत होना चाहिए। सुन्नी व शिया समुदाय मिलकर नमाज अदा करेगा। इससे भाईचारे की भावना मजबूत होगी।
मौलाना सैफ अब्बास, अध्यक्ष, शिया चांद कमेटी

नमाज आला इबादत है। इसमें किसी किस्म की कोई सियासत नहीं होनी चाहिए। दोनों मसनतों में दूरियां खत्म होनी चाहिए। बकरीद कुर्बानी का पैगाम देता है। अपनी जाती अना (निजी अहं) की कुर्बानी देकर एक-दूसरे के कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलना चाहिए।
मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी, जनरल सेक्रेटरी, जन्नतुल मुस्लमीन

सिब्तैनाबाद इमामबाड़ा पर शिया-सुन्नी ने साथ पढ़ी नमाज

shiya and sunni together read namaz in lucknow

सिब्तैनाबाद इमामबाड़े के मुतवल्ली और ग्रुप कन्वीनर हैदर बताते हैं कि नमाज की जगह को लेकर शुरुआत में लोगों की राय जुदा थी, पर तय हुआ कि नवाब वाजिद अली शाह के वालिद अमजद अली शाह द्वारा बनवाया इमामबाड़ा इसके लिए सबसे मुनासिब जगह है। अमजद अली शाह की धर्म निरपेक्ष छवि के कारण लोग उन्हें ‘हजरत’ कह कर संबोधित करते थे। वहीं शहर के बीचोंबीच होने से लोगों को यहां आने में सहूलियत होगी।

परिवार के साथ हुए शरीक
आतिफ बताते हैं कि बकरीद और बकरीद जैसे त्योहार सामूहिकता की नसीहत देते हैं। इसी के मद्देनजर कई लोग यहां पूरे परिवार के साथ आ रहे हैं। हालांकि इस बार यहां औरतों के लिए नमाज पढ़ने का इंतजाम नहीं हो पाया, पर इंशाअल्लाह अगली बार हम इसका इंतजाम जरूर करेंगे।

सिब्तैनाबाद इमामबाड़े में शुक्रवार सुबह आठ बजे नमाज हुई।सुन्नी मौलाना हाफिज मोहम्मद शहजाद इसकी इमामत की।आतिफ बताते हैं कि अल्लाह ने चाहा तो यह सिलसिला सिर्फ बकरीद तक ही नहीं, इसके बाद भी जारी रहेगा। हमारी कोशिश होगी कि दिलों की दूरियां कम हो सकें।

नमाज के बाद यहां उत्सव का माहौल था। हैदर कहते हैं कि नमाज के साथ ही हमारा मकसद आपस में भाईचारा बढ़ाना है। इसके लिए साथ बैठकर सेवई और कश्मीरी चाय का लुत्फ भी उठाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed