यात्रियों से खराब व्यवहार पर शताब्दी के ड्राइवरों को हटाया, जारी किए गए दिशा-निर्देश
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रोडवेज की बसों में यात्रियों के साथ चालकों-परिचालकों को अच्छा व्यवहार करना होगा। इस बाबत मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उप्र. राज्य परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने एक एसी शताब्दी बस के ड्राइवरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
यह मामला सामने आने के बाद प्रबंध निदेशक राजशेखर ने सभी चालकों-परिचालकों को व्यवहार सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि किसी भी हालात में लंबे रूट की बसों में जनप्रतिनिधियों, दिव्यांगों, महिलाओं और मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आरक्षित सीटों पर कब्जा न किया जाए।
दरअसल, शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे दिल्ली से लखनऊ आ रही आलमबाग डिपो की शताब्दी बस यूपी 71 टी-6287 के यात्रियों ने परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया को फोन कर शिकायत की थी कि सेकंड ड्राइवर का व्यवहार ठीक नहीं है। वह वीआईपी सीट पर बिना उचित ड्रेस के लेटा है। अधिकृत यात्रियों के आने पर भी उन्हें सीट नहीं दे रहा है। यात्रियों ने कटारिया के व्हाट्सएप नंबर पर उसकी फोटो भी भेजी।
शिकायत के तत्काल बाद एमडी राजशेखर, बरेली क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक और अन्य अधिकारियों ने बस को चेक कराया, तो शिकायत सही मिली। इस पर बस के लखनऊ पहुंचने पर दोनों ड्राइवरों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। राजेशखर ने यह स्थिति दोबारा न हो इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। अब चालक और परिचालक बस में रहने के दौरान हर समय निर्धारित वर्दी में रहेंगे। उनसे कहा गया है कि वे यात्रियों के प्रति सामान्य तौर पर गर्मजोशी से सकारात्मक और सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करें। बसों में चल रहे अतिरिक्त ड्राइवर या कंडक्टर को किसी भी मकसद से ‘आरक्षित सीटों’ पर कब्जा नहीं करना चाहिए।
अंतिम सीट को अतिरिक्त चालकों के लिए किया जाएगा आरक्षित
लंबे रूट की बसों में अंतिम सीट को अतिरिक्त चालक के लिए चिह्नित किया गया है, जिसका वे अपने लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें जनप्रतिनिधि, दिव्यांगों, महिलाओं व मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आरक्षित सीटों पर कब्जा जमाने की अनुमति नहीं होगी। इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया ने कहा, मुझे शिकायत मिली है कि कुछ बसों में रनिंग स्टाफ का व्यवहार यात्रियों के प्रति अच्छा नहीं है। इसके लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। रोडवेज की बसों में सफर करने वाले जनप्रतिनिधियों, दिव्यांगों, महिलाओं और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को उचित सम्मान न देने वाले स्टाफ पर भी कार्रवाई होगी।