लखनऊ की सबसे युवा पार्षद बनीं शादिया रफीक, आगे बढ़ाएंगी पिता की विरासत
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ऐसा नहीं है कि सिर्फ पार्टी प्रमुख, सांसद या विधायक के पद पर ही राजनेताओं के बेटे-बेटियां उनकी विरासत संभालने आगे आ रहे हैं। शुक्रवार को सबसे युवा पार्षद बनी 23 साल की शादिया रफीक भी अपने पिता रफीक अहमद की विरासत आगे बढ़ाने के लिए पढ़ाई पूरी होने से पहले ही चुनावी मैदान में कूद पड़ी।
एमिटी यूनिवर्सिटी से मास कॉम की छात्रा शादिया रफीक अकेली नहीं हैं, 2012 के चुनाव में उनके भाई आदिल अहमद बीबीडी से एमबीए करने के बाद इसी विरासत को संभालने के लिए मैदान में कूदे थे। वार्ड 34 तिलकनगर पहले कुंडी रकाबगंज वार्ड था, जहां से कांग्रेस से रफीक अहमद 1989 में पार्षद बने। इसके बाद महिला सीट हो गई तो कोई चुनाव नहीं लड़ा।
2012 में फिर बेटा आदिल अहमद चुनाव लड़ा और निर्दलीय जीता। इस बाद फिर परिसीमन में महिला वार्ड हुआ तो सभी ने तय किया कि शादिया चुनाव लड़े। मास कॉम की छात्रा शादिया मैदान में आ गईं। शादिया ने कहा कि बचपन से ही पापा को राजनीति में देखा और समझा है, इसलिए कुछ भी नया नहीं लगा। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की थी। लोगों की नब्ज समझी और इसी में सुधार के लिए वोट मांगा। दिन-रात मेहनत की और जनता ने दोबारा भरोसा जताया। शादिया ने कहा कि सीवर भी क्षेत्र की बड़ी समस्या है, इसके समाधान का प्रयास करूंगी।
‘महिलाओं को अंडर इस्टीमेट किया जाता है’
महिला मेयर और महिला पार्षद के बारे में पूछे जाने पर शादिया ने कहा कि महिलाओं को अंडर इस्टीमेट किया जाता है जबकि ऐसा है नहीं। वो घर के बाहर भी बेहतर काम करने के लिए तैयार रहती हैं। हम मिलकर बेहतर करेंगे। फोटोग्राफी शादिया का पैशन है। शादिया की इस खुशी में पिता रफीक अहमद, भाई आदिल अहमद भी शरीक हुए और कहा कि जनता की सेवा करेंगे।
कई अन्य युवा भी पहुंचे मिनी सदन में
शादिया नवनिर्वाचित मिनी सदन की सबसे युवा पार्षद तो हैं ही, उनके साथ ही पृथ्वी गुप्ता, समीर पाल, मुकेश सिंह समेत अन्य कई युवा भी पार्षद बने। अलीगंज वार्ड से बीजेपी के टिकट पर जीते पृथ्वी गुप्ता कुछ साल पहले श्रीदुर्गा शिक्षा निकेतन डिग्री कॉलेज में कॉमर्स स्टूडेंट थे।
पिछले संसदीय चुनाव में राजनाथ सिंह के प्रचार में जमकर मेहनत की। इससे प्रभावित पार्टी ने पृथ्वी पर भरोसा जताया और टिकट दे दिया। पृथ्वी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सेवा के साथ, फिर से पढ़ाई पूरी करने का इरादा। इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड से निर्दलीय जीते समीर पाल सोनू भी युवा हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मूलभूत समस्याएं काफी हैं। इनके निस्तारण के लिए चुनाव लड़ा हूं और इसमें बेहतर सुधार का प्रयास करूंगा। मौलवीगंज वार्ड से बीजेपी के टिकट पर जीते मुकेश सिंह ने कहा कि समय युवाओं का है। भाजपा की विकासवादी नीति को आगे बढ़ाऊंगा।