सातवां वेतन आयोग: यूपी के खजाने पर डालेगा 24 हजार करोड़ का बोझ
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्र के मौजूदा निर्णय के हिसाब से सूबे में अमल पर सरकारी खजाने पर करीब 24 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। इसमें वेतन, पेंशन व भत्ते सहित पूरा खर्च शामिल है।
केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2016 से लागू करने का एलान किया है। प्रदेश सरकार ने यदि इसे माना तो 11 लाख कर्मचारियों, शिक्षकों और करीब 10 लाख पेंशनरों को भी इसी तिथि से फायदा होगा।
केंद्र ने फिलहाल वेतन व पेंशन में बढ़ोतरी को मानते हुए एक जनवरी से भुगतान का फैसला किया है। पर, प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त खर्च के आकलन में वेतन व पेंशन के साथ भत्ते को भी शामिल किया है।
वित्त विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि राज्य कर्मचारियों के वेतन, पेंशन व भत्तों पर वर्तमान में करीब 90-95 हजार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। केंद्र सरकार की संस्तुतियों के हिसाब से करीब 24 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है।
इस तरह राज्य सरकार पर वेतन, पेंशन व भत्तों पर खर्च 115 हजार करोड़ के आसपास रहने का अनुमान है। प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बताया कि प्रदेश सरकार अब वेतन समिति के गठन पर विचार करेगी।
यही समिति केंद्र की संस्तुतियों पर विचार कर प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में अपनी सिफारिश देगी। राज्य सरकार इस समिति की संस्तुतियों पर विचार कर निर्णय करेगी। इसकी संस्तुतियां सूबे में कब से लागू होंगी, यह निर्णय भी सरकार समिति की सिफारिश पर करेगी।
सातवें वेतन समिति पर टिकी निगाहें
प्रदेश सरकार सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर विचार कर सूबे में लागू करने के लिए जल्दी ही सातवें वेतन समिति का एलान कर सकती है। इस कमेटी पर नौकरीपेशा वर्ग की नजरें टिकी हुई हैं। इस कमेटी के लिए राज्यपाल के प्रमुख सचिव रहे अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी जीबी पटनायक और पूर्व प्रमुख सचिव गृह रहे आरएम श्रीवास्तव के प्रत्यावेदन प्रदेश सरकार को पहले ही मिल चुके हैं।
इसके अलावा सचिव वित्त अजय अग्रवाल व एक अन्य प्रमुख सचिव को इसका सदस्य बनाया जा सकता है। प्रमुख सचिव नियोजन इसके सदस्य हो सकते हैं। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री के विदेश से लौटते ही यह समिति गठित की जाएगी।
अक्टूबर से हो सकता है भुगतान
सातवें वेतन समिति की संस्तुति पर ही प्रदेश सरकार निर्णय करेगी। प्रदेश के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ विधानसभा चुनाव की वजह से अक्टूबर से ही मिल सकता है।
जानकारों के अनुसार इस समिति का गठन फिलहाल छह महीने के लिए होने के संकेत हैं। पर, विधानसभा चुनाव की वजह से सरकार जल्द से जल्द इसे प्रारंभिक संस्तुतियां देने को कह सकती है। ऐसे में समिति यदि तीन महीने में प्रारंभिक संस्तुतियां दे दे तो अक्टूबर तक भुगतान का एलान हो सकता है।
प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों व शिक्षकों को सातवें वेतन के भुगतान के लिए बजट में पहले ही पैसे का बंदोबस्त कर लिया है। सरकार वित्त वर्ष 2017-18 से एरियर का भुगतान कर सकती है।