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Lucknow News: दहशत से सात परिवारों ने खाली किए आशियाने, एक मकान में आई दरार
Sat, 30 Nov 2024 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:53 AM IST
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लखनऊ। शक्तिनगर ढाल के पास किराये के दोमंजिला इमारत में चल रहे तीन अवैध कारखानों में आग बुझाने के इंतजाम बिल्डिंग मालिक प्रखर रस्तोगी के कहने के बाद भी नहीं किए गए। प्रखर के मुताबिक वे हर 15 दिन में कारखानों में आते थे। कई बार मालिकों व कर्मचारियों को सावधानी बरतने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने।
मेरा सब राख हो गया, अब क्या करूंगी
या अल्लाह... आग में मेरा सब कुछ जल गया। अब घर कैसे चलेगा। कुछ देर के लिए तो ऐसा लगा कि आज पूरा परिवार खत्म हो जाएगा...। ये शब्द कारखाने में रहने वाली बहराइच के वजीरगंज निवासी नूर बानो के रूंधे गले से निकल रहे थे। उनका दर्द आंखों से छलक रहे आंसू बयां कर रहे थे। वह पति अली हसन, दो वर्षीय बेटे शादाब, नौ वर्षीय बेटी सफिया और 15 वर्षीय मेहताब के साथ करीब 15 वर्षों से रह रहीं है। इस बिल्डिंग में कई लोगों ने बदल-बदल कर कारखाने चलाए। मौजूदा समय में चल रहे तीनों कारखाने करीब चार साल पहले शुरू हुए थे।
नजारा ऐसा...दीवारें अभी भरभराकर गिर जाएंगी
आग और सिलिंडर के धमाकों के कारण एक पड़ोसी के मकान की सभीं दीवारें दरक गईं। नजारा देख कर ऐसा लगा रहा था कि दीवारें अभी भरभराकर ढह जाएंगी। इसी दहशत के कारण सात पड़ोसी परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए। लोगों ने गृहस्थी मकानों के बाहर रखीं।
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कारखाना मालिकों पर होगी कार्रवाई
सीएफओ मंगेश कुमार के मुताबिक आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। तीनों कारखाने मालिकों के पास एनओसी नहीं थी। इतना हीं नहीं कोई अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। तीनों मालिकों को नोटिस भेज कर कार्रवाई की जाएगी।
संकरे रास्ते के कारण नहीं मुड़ सकी दमकल
घटनास्थल तक का रास्ता संकरा था। ऐसे में गाड़ियों को मुड़ने काफी समस्या हुई। आग बुझाने में 50 हजार लीटर से अधिक पानी लग गया। घटना से लोग आक्रोशित हो गए। लोगों का आरोप था कि गोदाम में बेसमेंट भी था।
कब क्या हुआ
06 बजे शाम कारखानों में लगी थी आग।
6:15 बजे शाम घटनास्थल पर पहुंचे दमकल कर्मचारी।
8:20 बजे रात आग पर काफी हद तक पाया गया काबू।
11 बजे रात पूरी तरह से बुझा ली गई आग।
इनपर भी एक नजर
- 300 दमकल कर्मियों ने किया काम।
- 50 हजार लीटर से अधिक लगा पानी।
पहले भी लगी आग
- 26 सितंबर 2024 को अमीनाबाद स्थित लाटूश रोड पर कारोबारी संजय जायसवाल के गोदाम में लगी थी आग।
- 14 मार्च 2016: मुमताज मार्केट में आग लगी थी। इसमें कई दुकानें जल गई थी।
- 11 अप्रैल 2019: लाटूश रोड पर इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में आग लगी थी।
- 1 अप्रैल 2022: गुईन रोड स्थित स्टेशनरी की दुकान में आग लगी थी। करीब चार घंटे में आग पर काबू पाया था।
7 फरवरी 2019: मुमताज मार्केट की कॉस्मेटिक दुकान में आग गली थी। दमकल ने कुछ देर में आग पर काबू पाया था।
ये बरतें सावधानियां
- गोदाम या कोई भी प्रतिष्ठान को बंद करते समय कट आउट निकाल दें।
- समय-समय पर वायरिंग की जांच कराते रहें।
- प्रतिष्ठानों में फायर फायटिंग सिस्टम की पुख्ता रखें इंतजाम।
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मेरा सब राख हो गया, अब क्या करूंगी
या अल्लाह... आग में मेरा सब कुछ जल गया। अब घर कैसे चलेगा। कुछ देर के लिए तो ऐसा लगा कि आज पूरा परिवार खत्म हो जाएगा...। ये शब्द कारखाने में रहने वाली बहराइच के वजीरगंज निवासी नूर बानो के रूंधे गले से निकल रहे थे। उनका दर्द आंखों से छलक रहे आंसू बयां कर रहे थे। वह पति अली हसन, दो वर्षीय बेटे शादाब, नौ वर्षीय बेटी सफिया और 15 वर्षीय मेहताब के साथ करीब 15 वर्षों से रह रहीं है। इस बिल्डिंग में कई लोगों ने बदल-बदल कर कारखाने चलाए। मौजूदा समय में चल रहे तीनों कारखाने करीब चार साल पहले शुरू हुए थे।
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नजारा ऐसा...दीवारें अभी भरभराकर गिर जाएंगी
आग और सिलिंडर के धमाकों के कारण एक पड़ोसी के मकान की सभीं दीवारें दरक गईं। नजारा देख कर ऐसा लगा रहा था कि दीवारें अभी भरभराकर ढह जाएंगी। इसी दहशत के कारण सात पड़ोसी परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए। लोगों ने गृहस्थी मकानों के बाहर रखीं।
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कारखाना मालिकों पर होगी कार्रवाई
सीएफओ मंगेश कुमार के मुताबिक आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। तीनों कारखाने मालिकों के पास एनओसी नहीं थी। इतना हीं नहीं कोई अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। तीनों मालिकों को नोटिस भेज कर कार्रवाई की जाएगी।
संकरे रास्ते के कारण नहीं मुड़ सकी दमकल
घटनास्थल तक का रास्ता संकरा था। ऐसे में गाड़ियों को मुड़ने काफी समस्या हुई। आग बुझाने में 50 हजार लीटर से अधिक पानी लग गया। घटना से लोग आक्रोशित हो गए। लोगों का आरोप था कि गोदाम में बेसमेंट भी था।
कब क्या हुआ
06 बजे शाम कारखानों में लगी थी आग।
6:15 बजे शाम घटनास्थल पर पहुंचे दमकल कर्मचारी।
8:20 बजे रात आग पर काफी हद तक पाया गया काबू।
11 बजे रात पूरी तरह से बुझा ली गई आग।
इनपर भी एक नजर
- 300 दमकल कर्मियों ने किया काम।
- 50 हजार लीटर से अधिक लगा पानी।
पहले भी लगी आग
- 26 सितंबर 2024 को अमीनाबाद स्थित लाटूश रोड पर कारोबारी संजय जायसवाल के गोदाम में लगी थी आग।
- 14 मार्च 2016: मुमताज मार्केट में आग लगी थी। इसमें कई दुकानें जल गई थी।
- 11 अप्रैल 2019: लाटूश रोड पर इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में आग लगी थी।
- 1 अप्रैल 2022: गुईन रोड स्थित स्टेशनरी की दुकान में आग लगी थी। करीब चार घंटे में आग पर काबू पाया था।
7 फरवरी 2019: मुमताज मार्केट की कॉस्मेटिक दुकान में आग गली थी। दमकल ने कुछ देर में आग पर काबू पाया था।
ये बरतें सावधानियां
- गोदाम या कोई भी प्रतिष्ठान को बंद करते समय कट आउट निकाल दें।
- समय-समय पर वायरिंग की जांच कराते रहें।
- प्रतिष्ठानों में फायर फायटिंग सिस्टम की पुख्ता रखें इंतजाम।