{"_id":"5f22984c2d20244f5e754caa","slug":"service-details-of-all-personnel-have-been-made-online-in-icds","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईसीडीएस में प्रमोशन और वेतन निर्धारण में ‘खेल’ पर लगाम की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईसीडीएस में प्रमोशन और वेतन निर्धारण में ‘खेल’ पर लगाम की तैयारी
Thu, 30 Jul 2020 03:22 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 30 Jul 2020 03:22 PM IST
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) निदेशालय में तैनात कर्मियों को अनियमित तरीके से प्रमोशन और वेतन वृद्धि देने का खेल खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत जहां सभी कर्मियों का सेवा विवरण ऑनलाइन कर दिया गया है, वहीं कर्मियों को वेतन आदि का भुगतान भी मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से करने का फैसला किया गया है। इस व्यवस्था को सितंबर से लागू किया जाएगा।
आईसीडीएस निदेशालय में पिछले 4-5 वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां काम करने वाले डीपीओ, सीडीपीओ, प्रशासनिक अधिकारी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी, लिपिकीय संवर्ग और मुख्य सेविकाओं के सेवा विवरण में गड़बड़ी पाई जाती रही है। खास तौर से निदेशालय में वर्षों से तैनात लिपिकों के कॉकस द्वारा कर्मियों के सेवा विवरण में हेराफेरी का गोरखधंधा खूब हुआ है।
इसे देखते हुए नई निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने निदेशालय से संबंधित सभी श्रेणी के कार्मिकों का सेवा विवरण ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने पहले चरण में सभी कर्मियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। दूसरे चरण में निदेशालय के अधीन काम करने वाले नियमित व संविदा कर्मियों को वेतन का भुगतान भी मानव संपदा के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने सभी जिलों के डीपीओ को भेजे दिशा-निर्देश में कहा है कि हर हाल में 14 अगस्त तक सभी कर्मियों का सैलरी कोड जनरेट करके मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने से सेवा व वेतन वृद्धि से संबंधित शिकायतें खत्म हो सकेंगी। सीडीपीओ संघ उप्र के अध्यक्ष एके पांडेय ने निदेशक के इस कदम का स्वागत किया है।
विज्ञापन
आईसीडीएस निदेशालय में पिछले 4-5 वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां काम करने वाले डीपीओ, सीडीपीओ, प्रशासनिक अधिकारी, अपर सांख्यिकीय अधिकारी, लिपिकीय संवर्ग और मुख्य सेविकाओं के सेवा विवरण में गड़बड़ी पाई जाती रही है। खास तौर से निदेशालय में वर्षों से तैनात लिपिकों के कॉकस द्वारा कर्मियों के सेवा विवरण में हेराफेरी का गोरखधंधा खूब हुआ है।
विज्ञापन
इसे देखते हुए नई निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने निदेशालय से संबंधित सभी श्रेणी के कार्मिकों का सेवा विवरण ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने पहले चरण में सभी कर्मियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। दूसरे चरण में निदेशालय के अधीन काम करने वाले नियमित व संविदा कर्मियों को वेतन का भुगतान भी मानव संपदा के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने सभी जिलों के डीपीओ को भेजे दिशा-निर्देश में कहा है कि हर हाल में 14 अगस्त तक सभी कर्मियों का सैलरी कोड जनरेट करके मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने से सेवा व वेतन वृद्धि से संबंधित शिकायतें खत्म हो सकेंगी। सीडीपीओ संघ उप्र के अध्यक्ष एके पांडेय ने निदेशक के इस कदम का स्वागत किया है।