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लखनऊः हवालात में चोरी के आरोपी की मौत के मामले में रिटायर्ड डीआईजी का नौकर गिरफ्तार
Tue, 07 Jul 2020 05:08 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 07 Jul 2020 05:08 PM IST
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गिरफ्तार राजकुमार
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने की हवालात में चोरी के आरोपी उमेश की मौत के मामले में पुलिस ने रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल के नौकर राजकुमार को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार के खिलाफ उमेश के भाई रामलाल ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना कर रहे विभूतिखंड इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि जांच में रामलाल के भाई अमित और मोहित की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस जल्द दोनों को गिरफ्तार कर सकती है। इसके अलावा रामलाल की तरफ से दर्ज मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट भी शामिल कर लिया गया है।
विवेचक ने बताया कि राजकुमार को कैंट के सदर बाजार से पकड़ा गया। उसने पूछताछ में उमेश के साथ मारपीट की बात कुबूल की है। मारपीट में रिटायर्ड डीआईजी शामिल थे या नहीं? यह पूछने पर वह इधर-उधर बरगलाता रहा। पुलिस रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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जल्द उनसे पूछताछ की जा सकती है। विवेचक ने बताया कि राजकुमार के अलावा उसके दोनों भाई मोहित और अमित ने भी उमेश को पीटा था। तीनों मिलकर करीब तीन घंटे तक उमेश को बंधक बनाकर पीटते रहे थे। राजकुमार से सूचना पाकर आधी रात मौके पर पहुंचे रिटायर्ड डीआईजी ने भी उसकी पिटाई की थी। बाद में उमेश को गोमतीनगर विस्तार थाना की पुलिस के सुपुर्द किया गया जहां हवालात में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
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मामले की विवेचना कर रहे विभूतिखंड इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि जांच में रामलाल के भाई अमित और मोहित की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस जल्द दोनों को गिरफ्तार कर सकती है। इसके अलावा रामलाल की तरफ से दर्ज मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट भी शामिल कर लिया गया है।
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विवेचक ने बताया कि राजकुमार को कैंट के सदर बाजार से पकड़ा गया। उसने पूछताछ में उमेश के साथ मारपीट की बात कुबूल की है। मारपीट में रिटायर्ड डीआईजी शामिल थे या नहीं? यह पूछने पर वह इधर-उधर बरगलाता रहा। पुलिस रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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जल्द उनसे पूछताछ की जा सकती है। विवेचक ने बताया कि राजकुमार के अलावा उसके दोनों भाई मोहित और अमित ने भी उमेश को पीटा था। तीनों मिलकर करीब तीन घंटे तक उमेश को बंधक बनाकर पीटते रहे थे। राजकुमार से सूचना पाकर आधी रात मौके पर पहुंचे रिटायर्ड डीआईजी ने भी उसकी पिटाई की थी। बाद में उमेश को गोमतीनगर विस्तार थाना की पुलिस के सुपुर्द किया गया जहां हवालात में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
पांच पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित
सीतापुर निवासी व यहां खरगापुर में रहकर ई-रिक्शा चलाने वाले 30 वर्षीय उमेश का शव शुक्रवार सुबह गोमतीनगर विस्तार थाना की हवालात में पाया गया था। उसे गुरुवार आधी रात खरगापुर में रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल के निर्माणाधीन मकान की देखरेख करने वाले नौकर राजकुमार ने चोरी के आरोप में पकड़ा था।
उमेश के भाई रामलाल और भाभी रीता ने रातभर पीटने की वजह से मौत का आरोप लगाते हुए राजकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिसके बाद अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश यादव, उपनिरीक्षक कौशलेंद्र सिंह, जीडी लेखक राधामोहन सिंह व संतरी दीपक कटाना, पहरा पर तैनात सिपाही राज का निलंबन कर दिया गया था।
उमेश के भाई रामलाल और भाभी रीता ने रातभर पीटने की वजह से मौत का आरोप लगाते हुए राजकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिसके बाद अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश यादव, उपनिरीक्षक कौशलेंद्र सिंह, जीडी लेखक राधामोहन सिंह व संतरी दीपक कटाना, पहरा पर तैनात सिपाही राज का निलंबन कर दिया गया था।