मुलायम बने PM तो ये होगा उनका मास्टर प्लान
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने पार्टी का मेनिफेस्टो जारी कर दिया है। दावा भी किया है कि अगर वह पीएम बने, तो ये मास्टर प्लान देश की तकदीर बदल देगा।
मुलायम ने कहा है कि केंद्र में उनके नेतृत्व में सरकार बनी या सपा की भागीदारी से सरकार गठित हुई तो सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तरकर्मचारियों न्यायालय के कर्मचारियों व न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी जाएगी।
गरीब सवर्णों को विशेष सुविधाओं व इनके साथ होने वाले अन्याय की सुनवाई को ‘सवर्ण आयोग’ गठित किया जाएगा। मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में केरल की तर्ज पर आरक्षण और उन्हें विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
उद्योगों के लिए बनेगा माहौल
पुलिस व पीएसी भर्ती में 15 प्रतिशत भागीदारी दी जाएगी। कृषि को प्राथमिकता दी जाएगी और छोटे-बड़े उद्योग-धंधों के लिए भी माहौल बनाया जाएगा।
बैंक व साहूकार कोई भी किसानों से मूलधन से ज्यादा ब्याज किसी भी दशा में नहीं ले सकेगा। कर्ज अदा न करने पर जमीन भी नीलाम नहीं की जा सकेगी।
प्रदेश की 65 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए विशेष योजना लागू की जाएगी।
भूमि सेना के जरिये जमीन को उपजाऊ बनाने वालों को ही उसका मालिकाना हक दे दिया जाएगा।
प्राथमिक के साथ उच्च शिक्षा भी मिलेगी मुफ्त
घोषणा पत्र जारी करते समय सपा प्रमुख के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, संसदीय कार्य व नगर विकास मंत्री मो. आजम खाँ वहां मौजूद थे।
इसके अलावा स्वास्थ्य चिकित्सा मंत्री अहमद हसन, कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी व राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र सहित बड़ी संख्या पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
घोषणा पत्र में प्राइमरी से लेकर उच्च और तकनीकी, सभी प्रकार की शिक्षा को पूरी तरह मुफ्त करने और लोगों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं का वादा किया गया है।
गांवों में खुलेंगे मिनी एम्स
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मिनी एम्स खोलने, एक्सरे, एमआरआई व डायलिसिस सहित सभी जांचें मुफ्त करने और कैंसर, हृदयरोग, किडनी व लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का सरकार की तरफ से इलाज कराने की बात कही गई है।
सपा महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव ने बताया कि केंद्र में सरकार बनने पर कुल बजट का 7 प्रतिशत शिक्षा पर और 6 प्रतिशत स्वास्थ्य पर खर्च किया जाएगा।
किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए आयोग बनेगा। जो लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य तय करेगा। जी.एम. बीज पर रोक लगाई जाएगी।
किसानों की जमीन नहीं होगी नीलाम
बैंकों से या महाजन से कर्ज लेने वाले किसान यदि ऋण वापस नहीं कर पाते हैं तो भी उनकी जमीन नीलाम नहीं होगी। मूलधन से ज्यादा ब्याज नहीं लिया जा सकेगा।
एक बोर्ड गठित करके उसे संबंधित किसान से बात करके समस्या के समाधान को कहा जाएगा।
उत्तर प्रदेश के पैटर्न पर पूरे देश में कामधेनु डेरी योजना लागू की जाएगी।
भूमि सेना में शामिल लोग जिस भूमि को उपजाऊ बनाएंगे, उन्हें ही उसका मालिकाना हक दे दिया जाएगा।
किसान तय करेंगे कृषि उत्पादों का मूल्य
अभी तक आयोग में किसानों का प्रतिनिधित्व नहीं होता है। फसल बीमा योजना का तौर-तरीका बदला जाएगा।
क्षेत्र को नहीं बल्कि हर किसान को इकाई मानकर प्राकृतिक आपदा से नष्ट होने वाली फसल की भरपाई की जाएगी। फसल बीमा की आधी किस्त सरकार देगी। किसानों से नाममात्र की किस्त ली जाएगी।
व्यापारियों को सुविधा, आयकर में छूट
सपा ने आयकर दाता व्यापारी को 10 लाख रुपये की बीमा सुविधा का लाभ देने और आयकर छूट की सीमा डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख करने का वादा किया है।
कहा है कि स्क्रूटिनी व्यवस्था समाप्त होगी। आयकर की ऑडिट सीमा 40 लाख रुपये बढ़ाकर 2 करोड़ कर दी जाएगी। नगद लेन-देन की सीमा 20 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दी जाएगी।
सपा ने वादा किया है कि धर्मान्तरण करके ईसाई व मुसलमान बने दलितों को अनुसूचित जाति की सुविधाएं बंद नहीं होंगी। यह सुविधाएं यथावत मिलती रहेंगी।
आतंकवाद के आरोपों में बंद मुस्लिमों को रिहा करवाएंगे
मुसललमानों को विशेष सुविधाओं का वादा करने के साथ अन्य कई वादे किए गए हैं। सपा मुखिया ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से कई बार सच्चर कमेटियों की सिफारिशों को लागू करने का आग्रह किया। पर, केंद्र ने अनसुना कर दिया।
यादव ने कहा कि सरकार में आने पर मुस्लिम बहुल जिलों में उर्दू माध्यम के स्कूल खोले जाएंगे। पुलिस व पीएसी भर्ती में मुसलमानों को 15 प्रतिशत भागीदारी दी जाएगी। उच्च शिक्षा प्राप्त मुस्लिम छात्रों को फ्री कोचिंग की सुविधा दी जाएगी।
आतंकवाद के झूठे आरोपों में जेलों में बंद बेकसूर मुसलमानों को रिहा किया जाएगा।
गुजरात दंगा पी़ड़ितों को न्याय
बुनकरों, दस्तकारों की मदद की जाएगी। साथ ही हथकरघा व पॉवरलूम का विद्युत बकाया बिल माफ किया जाएगा।
सपा के घोषणा पत्र में गुजरात का भी जिक्र किया गया है। वादा किया गया है कि 2002 में गुजरात नरसंहार के पीड़ितो को न्याय दिलाने को कदम उठाए जाएंगे।
श्रीकृष्ण जांच आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी। सांप्रदायिकता विरोधी कानून को कड़ा बनाया जाएगा। तमाम स्कूली पाठ्य-पुस्तकों से सांप्रदायिक पाठों को हटाया जाएगा।
कुछ अन्य पिछड़ी जातियों को दलितों का दर्जा
घोषणा पत्र में सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े लोगों को विशेष अवसर देने, सरकार व गैर सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा दिलाने का वादा किया गया है।
सरकार बनने पर सपा ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति विशेष दर्जा देने का वादा किया है। इसके लिए धन की अलग से व्यवस्था की जाएगी।
कुछ अन्य पिछड़ी जातियों को दलितों का दर्जा : राजभर, भर, बिंद, निषाद, मल्लाह,कहार, कश्यप, धीवर, केवट, धीमर, बाथम, मछुआ, मॉझी, प्रजापति, कुम्हार, तुरहा, गौड़, बयार जैसी अति पिछड़ी जातियों के साथ लोहार, बढ़ई, कसेरा, सोनार और जोगी को भी दलितों का दर्जा देने का वादा किया है।
साथ ही धनगर की उप जातियों पाल, बघेल, गड़रिया को भी अनुसूचित जाति में शामिल करने की बात कही है।
फिजूलखर्ची, भ्रष्टाचार व महंगाई पर रोक
मुलायम ने कहा कि भ्रष्टाचार का मुख्य कारण फिजूलखर्ची है। इसी से महंगाई बढ़ती है। इसलिए सपा ने तय किया है कि सरकार बनने पर दाम बांधों नीति लागू की जाएगी।
कोई सामान उसकी लागत से डेढ़ गुना से ज्यादा कीमत पर नहीं बिक सकेगी। महंगी गाड़ियों व महंगे मकानों को खरीदने तथा ब्याह-शादियों पर होने वाले अनाप-शाप खर्चों पर रोक लगाने के लिए भारी टैक्स का प्रावधान किया जाएगा।
रातोंरात करोड़पति बने लोगों की जांच कराई जाएगी। काला धन वापस लाने को कानून बनेगा और मंत्रियों, अधिकारियों एवं कॉरपोरेट घरानों पर नजर रखने को विशेष मॉनीटरिंग इकाइयां बनेंगी।
नक्सलियों की समस्या का समाधान
सपा ने नक्सलियों की समस्या से निजात के लिए इनसे बातचीत करने और इनकी जायज मांगों को पूरा करने का वादा किया है।
घोषणा पत्र में दहेज उत्पीड़न, अनुसूचित जाति, अनुसूचित उत्पीड़न कानून, निर्भया कांड के बाद बने कानूनों में बदलाव का वादा किया गया है।
इनके लिए भी कुछ न कुछ : अधिवक्ताओं के लिए 70 वर्ष के बाद पेंशन देने और इससे पहले मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये के बीमा का लाभ देने का वादा किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण का वादा करते हुए मनेरगा, मिड-डे मील व पुष्टाहार योजना को भ्रष्टाचार की जननी बताया गया है। घोषणा पत्र में मनरेगा के नियमों में संशोधन करके मजदूरी और सामग्री के अनुपात को बदलने की बात कही गई है।