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मिल गया पर्किंसन का इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 21 Nov 2014 05:04 PM IST
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पर्किंसन की बीमारी के प्रभावी इलाज के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के वैज्ञानिकों को सफलता मिली है।
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वैज्ञानिकों की टीम ने निकोटिन को नैनोपार्टिकल्स में एनकैप्सूलेट किया है। इससे बीमारी के दौरान न्यूरोन्स को बचाने में मदद मिली।
आईआईटीआर की नैनोथ्यूरेप्यूटिक्स एंड नैनोमैटेरियल टॉक्सिकोलॉजी डिवीजन में इस पर रिसर्च किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्य तौर पर निकोटिन बीमारी के इलाज में उपयोग किया जाता है।
निकोटिन में न्यूरोन्स को खतरा बने तत्वों से बचाव का गुण होता है। निकोटिन के इस गुण को जब नैनोमैटेरियल्स के साथ एनकैप्सूलेट किया गया तो इसका क्षमता कई गुना बढ़ गई।
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चूहों पर जब इसका प्रयोग किया गया तो इसके बेहतर परिणाम मिले। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिसर्च भविष्य में पर्किंसन के इलाज की आधुनिक दवाओं का रास्ता खोलेगा।
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