{"_id":"646f2114643f9b2c6d00b148","slug":"scholorship-scam-more-than-3000-bank-accounts-were-open-in-fino-bank-in-just-one-year-2023-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रवृत्ति घोटाला : फिनो बैंक में एक साल के भीतर खोले गए सभी खाते, जांच में इसकी पुष्टि हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रवृत्ति घोटाला : फिनो बैंक में एक साल के भीतर खोले गए सभी खाते, जांच में इसकी पुष्टि हुई
Thu, 25 May 2023 02:19 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 25 May 2023 02:19 PM IST
सार
छात्रवृत्ति घोटाले में बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। फिनो बैंक में एक साल में करीब तीन हजार बैंक खाते खोले गए हैं। जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रवृत्ति घोटाले की चल रही जांच में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब जांच में खुलासा हुआ है कि फिनो बैंक में एक साल के भीतर सभी खाते खुलवाए गए थे। अन्य वर्षों में छात्रों के अलग-अलग बैंक के खातों में छात्रवृत्ति की रकम आई।
विज्ञापन
जांच एजेंसी इसमें तलाश रही है कि किसकी भूमिका फर्जीवाड़े में है और किसकी नहीं। इस मामले में फिनो बैंक के अफसरों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है।
ये भी पढ़ें - योगी सरकार के मंत्री भी लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, कट सकता है वरुण गांधी का टिकट, भाजपा ने दिए संकेत
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - महाना की सियासी हसरत: कानपुर के क्षत्रपों को रास नहीं आ रहा विधानसभा अध्यक्ष का पांव पसारना, दिल्ली पर नजर
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि फिनो बैंक में 2022 में सभी 3000 खाते खोले गए। इसके पहले अन्य बैंकों में छात्रों के खाते थे, जिसमें छात्रवृत्ति की राशि आती थी। जांच एजेंसी जिन-जिन बैंकों के खातों में ये राशि आई उन सभी से ब्योरा जुटाया है। इसमें फिनो बैंक सवालों के घेरे में आ गया है। क्योंकि, इस बैंक में खोले गए सभी खातों में सिर्फ दो ई-मेल का इस्तेमाल किया गया।
यहीं पर आशंका है कि घोटाले के मुख्य आरोपियों से इस बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत रही। फिलहाल तफ्तीश कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पर्याप्त सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई हो सकती है।