साढ़े पांच लाख छात्रों की शुल्क भरपाई इसी सप्ताह
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छात्रवृत्ति और शुल्क की भरपाई से वंचित रह गए अनुसूचित जाति व जनजाति के पांच लाख से ज्यादा छात्रों के लिए अच्छी खबर है। उनको भुगतान के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हरी झंडी दे दी है।
इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने समाज कल्याण विभाग को इस सप्ताह में ही भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अमर उजाला ने 11 मई के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत सत्र 2014-15 में 8 लाख 65 हजार 131 छात्रों के खातों में 31 मार्च तक राशि भेजी जानी थी, लेकिन 5 लाख 33 हजार 397 छात्रों के बैंक खाता नंबरों में पब्लिक फाइनेंसिंग मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) सॉफ्टवेयर ने खामियां बता दीं। नतीजतन, 3 लाख 31 हजार 734 के खातों में ही राशि भेजी जा सकी।
खातों को दुरुस्त करने का काम शुरू
नियमानुसार नए वित्त वर्ष में भुगतान के लिए मुख्यमंत्री की दोबारा अनुमति जरूरी है। वित्त विभाग ने अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों से संबंधित फाइल परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री को भेज दी थी। उन्होंने सोमवार को इस पर दस्तखत कर दिए।
इसके साथ ही छात्रों को भुगतान के लिए समाज कल्याण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीएफएमएस ने खातों में जो खामियां बताईं थीं, उन्हें दुरुस्त कराने का काम शुरू हो गया है।
सामान्य और पिछड़े वर्ग की भी उम्मीद जगी
वित्त विभाग ने सामान्य और पिछड़े वर्गों की फाइलें भी परीक्षण के लिए संबंधित विभागों से मांगी हैं। उम्मीद है इन वर्गों के छात्रों के लिए भी महीने के अंत तक भुगतान हो जाएगा।
इस पर समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार का कहना है कि अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ने अनुमति दी है। इसी हफ्ते इनके खाते में राशि पहुंचेगी।