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लखनऊ: राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, आरोप के समर्थन में नहीं मिला कोई साक्ष्य
Thu, 03 Sep 2026 12:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:52 AM IST
सार
कोर्ट ने कांग्रेस नेता एवं रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को याचिकाकर्ता के वापस लेने के बाद खारिज कर दिया।
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राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कांग्रेस नेता एवं रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को याचिकाकर्ता के वापस लेने के बाद खारिज कर दिया।
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न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी चौधरी की पीठ ने बुधवार को स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने के आरोप के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
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अशोक पाण्डेय और एक अन्य की ओर से दाखिल रिट याचिका में राहुल गांधी उर्फ राहुल विंची ' के रायबरेली से लोकसभा सदस्य के रूप में पद पर बने रहने के अधिकार को चुनौती देते हुए अधिकार प्रच्छा (को वारंटो) रिट जारी करने की मांग की गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक नहीं बल्कि ब्रिटेन के नागरिक हैं।
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कोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया गया कि इसी मुद्दे को लेकर याचिकाकर्ताओं की ओर से पहले भी 2015 और 2019 में याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं। वर्ष 2015 की याचिका को हाई कोर्ट की समन्वय पीठ ने खारिज करते हुए कहा था कि नागरिकता संबंधी शिकायत के निस्तारण के लिए नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9(2) के तहत केंद्र सरकार के समक्ष जाना होगा।