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पांच लाख की आबादी बिजली संकट से घिरी
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 07 Apr 2014 11:17 AM IST
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गर्मी के तेवर बदलते ही जुगाड़ से चल रही राजधानी की बिजली व्यवस्था डगमगाने लगी है। कटौती का सिलसिला शुरू होने के साथ ही पांच लाख की आबादी बिजली संकट से घिर गई है।
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यानी 132 केवी क्षमता वाले नीबू पार्क उपकेंद्र से बिजली कटौती की शुरुआत हो चुकी है। यह नौबत समय से पहले एसी और कूलर चलने के कारण बिजली की डिमांड में करीब 100 मेगावाट की वृद्धि होने से आई है।
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शुरुआती झटकों से साफ है कि दावा भले ही कुछ हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि राजधानी के 7.25 लाख उपभोक्ताओं के बिजली की मांग पूरी करने की क्षमता नीबू पार्क उपकेंद्र के पास अभी नहीं है।
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पॉवर कॉर्पोरेशन कंट्रोल रूम के अनुसार राजधानी में 31 मार्च तक बिजली की मांग का ग्राफ 650 से 750 मेगावाट के बीच था।
लेकिन एक अप्रैल से जैसे-जैसे तापमान का पारा ऊपर की तरफ चढ़ा तो बिजली की मांग भी 700 से 800 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसकी चपेट में सबसे पहले 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र आ चुका है।
यानी इस उपकेंद्र से ओवर लोडिंग होने पर बिजली कटौती कराने की शुरुआत हो चुकी है। इसके कारण ठाकुरगंज से लेकर कैसरबाग तक और बिल्लौचपुरा से लेकर न्यू हैदराबाद, डालीगंज तक करीब एक लाख उपभोक्ताओं पर कटौती का संकट मंडराने लगा है।
नीबू पार्क उपकेंद्र से जुड़े 11 उपकेंद्र, गऊघाट, चौपटिया, नादान महल रोड, विक्टोरिया, नीबू पार्क, मेडिकल कालेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद, , इक्का स्टैंड डालीगंज, लखनऊ विश्वविद्यालय, हनुमान सेतु उपकेंद्र के इलाके बिजली कटौती के संकट से घिर चुके हैं।
नीबू पार्क पारेषण उपकेंद्र से चलने वाले अमीनाबाद उपकेंद्र का विद्युत लोड 132 केवी टिकैतरायतालाब उपकेंद्र और हनुमान सेतु उपकेंद्र का 132 केवी गोमतीनगर उपकेंद्र पर ट्रांसफर किया गया था।
लेकिन दो अप्रैल से बिजली की बढ़ी डिमांड के चलते गोमतीनगर उपकेंद्र ने हनुमान सेतु को बिजली आपूर्ति करने से हाथ खींच लिया है।
लेसा के मुख्य अभियंता शमीम अहमद का दावा है कि 33 केवी के सभी उपकेंद्र इस गर्मी में ओवर लोडिंग को झेलने के लिए सक्षम हैं।
यानी बिजली की डिमांड बढ़ने पर उनको किसी भी 33 केवी उपकेंद्र को खुद बिजली कटौती नहीं करनी होगी। जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के इरादे से ही तमाम उपकेंद्र के पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ोतरी की गई।
वहीं फैजुल्लागंज, आईआईएम रोड, कमता, नादरगंज नए उपकेंद्र चालू हो चुके, जबकि पुरनिया, चिनहट, मानसरोवर नए उपकेंद्र चालू होने वाले हैं।