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तरक्की के लिए विज्ञान से जोड़ें संस्कृत
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Aug 2013 08:33 AM IST
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में चल रहे संस्कृत महोत्सव के तीसरे दिन जीबीटीयू के प्रतिकुलपति प्रो. डीएस यादव ने संस्कृत के उस पक्ष को उजागर किया जिसकी मुरीद पूरी दुनिया है।
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उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के तौर पर उस दिन लोकप्रिय हो जाएगी जब इसमें उपलब्ध ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ दिया जाएगा।
महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. अर्कनाथ चौधरी ने कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान और संस्कृत के ज्ञान में समन्वय की जरूरत है।
संस्थान के पूर्व प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र झा ने सवाल उठाया कि आज जब इतनी सुविधाएं दी जा रही हैं तो संस्कृत के अध्ययन में प्रगति क्यों नहीं दिखती?
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