नहीं मानी मांगें तो फिर करेंगे अनशन

टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sat, 23 Nov 2013 09:14 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर संस्कृत शिक्षकों का आमरण अनशन शुक्रवार को खत्म हो गया।
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संस्कृत विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल करने के मुद्दे पर एक सप्ताह में निर्णय लिए जाने के आश्वासन पर उन्होंने अनशन खत्म किया।
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग ने उन्हें यह आश्वासन दिया और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने अनशन तुड़वाया। प्रदेश के 246 संस्कृत विद्यालयों को अनुदान देने की मांग को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
मांगें पूरी न होने पर 19 नवंबर से आमरण अनशन शुरू कर दिया था।

उ.प्र. संस्कृत शिक्षक/छात्र एवं सामाजिक सेवा शिक्षण समिति के अध्यक्ष कृष्ण मोहन शुक्ल, महामंत्री परमानंद पांडेय के नेतृत्व में अनशन कर रहे इन शिक्षकों में से गुरुवार की रात चार की तबियत खराब हो गई थी।

शुक्रवार सुबह रविदास मेहरोत्रा ने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग से उनकी बात करवाई। गर्ग ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर वे इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।

इसके बाद शिक्षकों ने अनशन खत्म किया। लेकिन चेतावनी दी है कि दो दिसंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो फिर आंदोलन करेंगे।

तीन दिसंबर से क्रमिक अनशन और छह दिसंबर से आमरण अनशन शुरू कर देंगे। उसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 दिसंबर को आत्मदाह करेंगे।

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