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Lucknow News: अवध के कला साधकों को संगीत नाटक अकादमी सम्मान
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लखनऊ। कथक की थाप, रंगमंच की सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत की संवेदनशील परंपरा के लिए पहचाने जाने वाले लखनऊ को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। कथक की परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले पं. राम मोहन महाराज, गजल के क्षेत्र में उस्ताद युगांतर सिंदूर और रंगमंच व नौटंकी विद्या के क्षेत्र में पांच दशक से सक्रिय वरिष्ठ रंगकर्मी आतमजीत सिंह को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अकादमी सम्मान मिला है। दो युवा कलाकार कथक नृत्यांगना ट्रांसजेंडर देविका देवेंद्र एस. मंगलमुखी व रंगकर्मी प्रिवेंद्र कुमार सिंह को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन सम्मानों ने एक बार फिर देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर लखनऊ की विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया है।
कालका-बिंदादिन घराने की गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि पं. राम मोहन महाराज ने कथक को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पद्मश्री पं. शंभू महाराज के पुत्र राम मोहन ने बचपन से ही कथक की शिक्षा प्राप्त की और बाद में पं. बिरजू महाराज का मार्गदर्शन मिला। उत्कृष्ट नृत्यांगन, कोरियोग्राफर, तबला और पखावज वादक के रूप में उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, रूस, अफगानिस्तान, कुवैत, अल्जीरिया सहित कई देशों में भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। सम्मान की घोषणा पर उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनकी नहीं, बल्कि गुरुजनों से मिली कला और लखनऊ कथक घराने की परंपरा का सम्मान है। उनका संकल्प है कि इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाते रहें।
वरिष्ठ रंगकर्मी आतमजीत सिंह को नौटंकी और रंगमंच के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्ष 1975 से रंगकर्म में सक्रिय आतमजीत सिंह ने निर्देशन, लेखन और अभिनय के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 40 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया, 30 नुक्कड़ नाटक लिखे और 50 से अधिक नुक्कड़ नाटकों का हजारों बार मंचन किया। रंजीत कपूर, अनुपम खेर और पंकज कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुके आतमजीत कई धारावाहिकों और फिल्मों में भी अभिनय कर चुके हैं। सम्मान की खबर मिलने पर उन्होंने इसे रंगमंच और नौटंकी विद्या के प्रति समर्पित अपने लंबे सफर की बड़ी उपलब्धि बताया।
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भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ट्रांसजेंडर कलाकार देविका देवेंद्र एस. मंगलमुखी को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार मिला है। देविका ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके गुरुओं, साथी कलाकारों और पूरे ट्रांसजेंडर समुदाय के संघर्ष, रचनात्मकता और सपनों का सम्मान है। उन्होंने अपनी गुरु स्वर्गीय पंडिता कपिला राज शर्मा और कथक सम्राट स्वर्गीय पंडित लच्छू महाराज को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए यह सम्मान उन्हें समर्पित किया।
रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रंगकर्मी प्रिवेंद्र कुमार सिंह को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रिवेंद्र ने इसे अपने गुरुओं, परिवार, मित्रों और साथी रंगकर्मियों के विश्वास व सहयोग का प्रतिफल बताया। उन्होंने अपने गुरु बिपिन कुमार और रंगगुरु चित्रा मोहन के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का आधार बताया। साथ ही अभिनेता व सांसद रवि किशन को अपना आदर्श बताया। अपनी पत्नी मनीषा सिंह मेहरा के सहयोग और विश्वास के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह भारतीय रंगमंच और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
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कालका-बिंदादिन घराने की गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि पं. राम मोहन महाराज ने कथक को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पद्मश्री पं. शंभू महाराज के पुत्र राम मोहन ने बचपन से ही कथक की शिक्षा प्राप्त की और बाद में पं. बिरजू महाराज का मार्गदर्शन मिला। उत्कृष्ट नृत्यांगन, कोरियोग्राफर, तबला और पखावज वादक के रूप में उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, रूस, अफगानिस्तान, कुवैत, अल्जीरिया सहित कई देशों में भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। सम्मान की घोषणा पर उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनकी नहीं, बल्कि गुरुजनों से मिली कला और लखनऊ कथक घराने की परंपरा का सम्मान है। उनका संकल्प है कि इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाते रहें।
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वरिष्ठ रंगकर्मी आतमजीत सिंह को नौटंकी और रंगमंच के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्ष 1975 से रंगकर्म में सक्रिय आतमजीत सिंह ने निर्देशन, लेखन और अभिनय के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 40 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया, 30 नुक्कड़ नाटक लिखे और 50 से अधिक नुक्कड़ नाटकों का हजारों बार मंचन किया। रंजीत कपूर, अनुपम खेर और पंकज कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुके आतमजीत कई धारावाहिकों और फिल्मों में भी अभिनय कर चुके हैं। सम्मान की खबर मिलने पर उन्होंने इसे रंगमंच और नौटंकी विद्या के प्रति समर्पित अपने लंबे सफर की बड़ी उपलब्धि बताया।
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भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ट्रांसजेंडर कलाकार देविका देवेंद्र एस. मंगलमुखी को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार मिला है। देविका ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके गुरुओं, साथी कलाकारों और पूरे ट्रांसजेंडर समुदाय के संघर्ष, रचनात्मकता और सपनों का सम्मान है। उन्होंने अपनी गुरु स्वर्गीय पंडिता कपिला राज शर्मा और कथक सम्राट स्वर्गीय पंडित लच्छू महाराज को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए यह सम्मान उन्हें समर्पित किया।
रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रंगकर्मी प्रिवेंद्र कुमार सिंह को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रिवेंद्र ने इसे अपने गुरुओं, परिवार, मित्रों और साथी रंगकर्मियों के विश्वास व सहयोग का प्रतिफल बताया। उन्होंने अपने गुरु बिपिन कुमार और रंगगुरु चित्रा मोहन के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का आधार बताया। साथ ही अभिनेता व सांसद रवि किशन को अपना आदर्श बताया। अपनी पत्नी मनीषा सिंह मेहरा के सहयोग और विश्वास के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह भारतीय रंगमंच और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।