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लोकसभा चुनाव से पूर्व निकायों के संविदाकर्मियों को मिल सकता है नियमतीकरण का तोहफा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 21 Nov 2018 07:33 PM IST
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नगर निकायों में संविदा, वर्कचार्ज और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को सरकार नियमितीकरण का तोहफा दे सकती है। इसके मद्देनजर नगर विकास विभाग ने 31 दिसंबर 2001 के पहले नियुक्त कर्मचारियों की सूची मांगी है।
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सूत्रों की माने तो लोकसभा चुनाव से पहले नियमितीकरण की घोषणा की जा सकती है। इससे पूर्व नगर विकास विभाग ने फरवरी 2014 में इन्हें नियमित करने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी थी। कई बार अड़ंगा लगने से मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
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नगर निकायों और जल संस्थानों में वर्ष 1991 से 2001 के बीच कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए लिपकीय व राजस्व संवर्ग के अलावा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर संविदा, वर्कचार्ज व दैनिक वेतन पर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। पिछली सरकारों ने इनमें से काफी कर्मचारियों को नियमित कर दिया था पर 750 से अधिक कर्मचारियों का मामला अभी लटका हुआ है।
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शुरुआत में योगी सरकार ने इस मुद्दे पर बैठक की थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ था। अब चुनावी साल को देखते हुए नये सिरे से प्रस्ताव पर फिर से मंथन किया जा रहा है। प्रमुख सचिव स्तर पर दो बार हुई बैठक में स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारियों व जल संस्थानों से इस श्रेणी के सभी कर्मचारियों की सूची मांगी है। इसमें कर्मचारियों की योग्यता, पद, रिक्तियों की संख्या की जानकारी जल्द भेजने को कहा गया है।
नगर निकायों को वहन करना होगा वित्तीय भार
प्रस्ताव के मुताबिक संविदाकर्मियों को नियमित करने पर आने वाला भार संबंधित नगर निकायों को ही वहन करना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो अभी तक हुईं बैठकों में इस शर्त पर सहमति भी बन चुकी है।