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संभल हिंसा: सपा नेता का आरोप- अपने बचाव के लिए तुर्क और पठान की लड़ाई की बात कर रही पुलिस
Wed, 27 Nov 2024 01:33 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Nov 2024 01:33 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी ने कहा कि पुलिस खुद को बचाने के लिए तुर्क और पठान के बीच विवाद होने की बात कह रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संभल में पुलिस वालों ने चार युवकों की हत्या की है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी संभल और बहराइच मामलों को विधानसभा में उठाएगी। भाजपा सरकार नफरत की भावना से काम कर रही है। संभल में पुलिस की गोली से चार युवकों की मौत हुई। पुलिस दो तरह के असलहे रखती है। फंसने से बचने के लिए निजी और बरामद असलहों से गोली चलाती है। पुलिस अपने बचाव के लिए तुर्क और पठान की लड़ाई की बात कर रही है।
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प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल 26 नवंबर को संभल घटना की सच्चाई की जांच और पीड़ित परिवारों से शोक संवेदना प्रकट करने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जाने की अनुमति नहीं दी।
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उन्होंने कहा कि संभल के सपा सांसद पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि उस दिन सांसद संभल में थे ही नहीं। सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को लेकर उनकी डीजीपी से भी बात हुई है। उन्होंने तीन दिन के भीतर निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है।
जो पूजास्थल जिस रूप में, उसे वैसे ही रखने का कानून
नेता विरोधी दल ने कहा कि 1991 में संसद में पूजा स्थल कानून पारित किया गया है। इस कानून के मुताबिक, 15 अगस्त 1947 से पहले भारत में जिस भी धर्म का जो पूजा स्थल था, उसे किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता है। अगर कोई ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसे तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इस कानून में यह भी प्रावधान है कि दूसरे धर्म के कब्जे का सबूत मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।