यूपीः राज्यपाल राम नाईक को बर्खास्त करने की सपा ने उठाई मांग
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सरकारी पदों पर जाति विशेष के वर्चस्व संबंधी राज्यपाल राम नाईक के बयान पर यूपी की सत्ताधारी पार्टी सपा ने केंद्र से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। बेहद तीखा हमला बोलते हुए महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि नाईक को अब महामहिम कहना भी लज्जाजनक लगने लगा है।
उन्होंने राज्यपाल के जाति विशेष के वर्चस्व के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए प्रशासन के अहम पदों पर बैठे यादव जाति के अफसरों की तैनाती की पूरी सूची दी है।
इसके मुताबिक 53 प्रमुख सचिवों में एक और 21 सचिवों में सिर्फ दो यादव जाति के हैं। इसके अलावा 338 आईपीएस अफसरों में 19 यादव हैं।
नाईक को सपा ने दी सक्रियता ना दिखाने की चेतावनी
रामगोपाल ने कहा कि राज्यपाल की सक्रियता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यूपी का सीएम प्रोजेक्ट कर देना चाहिए।
रामगोपाल ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा है कि नाईक ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाए,वर्ना हमारे कार्यकर्त्ता सड़क पर उतरकर उनके खिलाफ नारेबाजी करेंगे।कोई सपाई अगर उनके खिलाफ अनुचित शब्द बोलता है तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे।
सपा महासचिव ने कहा कि राज्यपाल सरकारी हेलीकॉप्टर से संघ और भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से उतना सीएम नहीं जाते,जितना राज्यपाल जा रहे हैं।
राम नाईक ने कहा सोच-समझकर दूंगा जवाब
राज्यपाल राम नाईक ने कहा, मैंने रामगोपाल जी का वक्तव्य पढ़ा नहीं है। उन्होंने क्या कहा है,पहले पढूंगा,उसके बाद ही प्रतिक्रिया व्यक्त करूंगा।
इससे पहले भी रामगोपालजी ने इसी प्रकार के कुछराजनीतिक मुद्दे मेरे विरोध में उठाए थे। तब उनका मैंने जवाब नहीं दिया था। लेकिन अभी जो उन्होंने ने कहा है उसे पढूंगा और फिर अपना वक्तव्य दूंगा।