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अखिलेश यादव का हमला, कहा-'चिंता करें, गरीबों के चूल्हे की आग ठंडी न हो'
Mon, 06 Apr 2020 08:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 06 Apr 2020 08:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता ही जा रहा है। ऐसे में अब दीर्घकालीन व्यवस्थाएं करनी होगी।
ताली-थाली के शोर या दिया-टार्च जलाकर रोशनी जैसे प्रतीकात्मक कर्मकांडों से मनोरंजन भले हो, लेकिन कोरोना का उपचार नहीं होगा। अखिलेश यादव ने रविवार को बयान में कहा कि प्रधानमंत्री को प्रतीकात्मक कर्मकांडों के बजाय चिंता करनी चाहिए कि गरीबों के घरों के चूल्हे की आग ठंडी न हो।
गरीबों के बच्चे दूध के बिना भूखे न सोएं और नौजवानों की आंखो में भविष्य को लेकर धुंध न पनपे। यादव ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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कहा कि सरकारी प्रयासों के अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता देशव्यापी लॉकडाउन में भूखे, प्यासे, गरीबों असहायों की लगातार मदद कर रहे हैं।
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ताली-थाली के शोर या दिया-टार्च जलाकर रोशनी जैसे प्रतीकात्मक कर्मकांडों से मनोरंजन भले हो, लेकिन कोरोना का उपचार नहीं होगा। अखिलेश यादव ने रविवार को बयान में कहा कि प्रधानमंत्री को प्रतीकात्मक कर्मकांडों के बजाय चिंता करनी चाहिए कि गरीबों के घरों के चूल्हे की आग ठंडी न हो।
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गरीबों के बच्चे दूध के बिना भूखे न सोएं और नौजवानों की आंखो में भविष्य को लेकर धुंध न पनपे। यादव ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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कहा कि सरकारी प्रयासों के अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता देशव्यापी लॉकडाउन में भूखे, प्यासे, गरीबों असहायों की लगातार मदद कर रहे हैं।
सरकार को कोरोना आपदा के बाद की परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर काम करना चाहिए। नोटबंदी, जीएसटी के दुष्प्रभाव से तमाम उद्योग, धंधे पहले ही बर्बादी की कगार पर पहुंच गए थे।
जिन्हें लॉकडाउन ने पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे बेरोजगारी का संकट बढ़ेगा। इस पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
जिन्हें लॉकडाउन ने पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे बेरोजगारी का संकट बढ़ेगा। इस पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।