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आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा जेल से रिहा, पति और बेटे के साथ 300 दिन तक जेल में रहीं
Mon, 21 Dec 2020 09:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 21 Dec 2020 09:31 PM IST
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डॉ. तजीन फात्मा जेल से रिहा
- फोटो : अमर उजाला
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सपा सांसद आजम खां की पत्नी और रामपुर शहर सीट से विधायक डॉ. तजीन फात्मा 300 दिनों के बाद सोमवार की शाम सीतापुर की जेल से जमानत पर बाहर आ गईं। डॉ. फात्मा के खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज हैं, इन सभी में उनको जमानत मिल चुकी है।
शुक्रवार को कोर्ट ने दो मामलों में उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत मंजूर की थी। इसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। मुकदमे दर्ज होने के बाद कोर्ट में हाजिर न होने पर सांसद आजम खां, डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी हो गया था।
इसके बाद तीनों ने 26 फरवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। एक रात रामपुर जेल में रखने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से तीनों को अगले ही दिन सीतापुर की जेल भेज दिया था, तभी से तीनों सीतापुर जेल में थे। शुक्रवार को दो मामलों में जमानत मिलने के बाद विधायक डॉ. तजीन फात्मा की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।
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सोमवार को रामपुर से परवाना सीतापुर की जेल भेज दिया गया था। उनके जेल से रिहा होने की संभावना के मद्देनजर डॉ. फात्मा के पुत्र अदीब आजम, बहू
सिदरा, सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पूर्व विधायक विजय सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान समेत उनके कई समर्थक सीतापुर की जेल पहुंच गए थे।
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शुक्रवार को कोर्ट ने दो मामलों में उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत मंजूर की थी। इसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। मुकदमे दर्ज होने के बाद कोर्ट में हाजिर न होने पर सांसद आजम खां, डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी हो गया था।
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इसके बाद तीनों ने 26 फरवरी को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। एक रात रामपुर जेल में रखने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से तीनों को अगले ही दिन सीतापुर की जेल भेज दिया था, तभी से तीनों सीतापुर जेल में थे। शुक्रवार को दो मामलों में जमानत मिलने के बाद विधायक डॉ. तजीन फात्मा की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।
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सोमवार को रामपुर से परवाना सीतापुर की जेल भेज दिया गया था। उनके जेल से रिहा होने की संभावना के मद्देनजर डॉ. फात्मा के पुत्र अदीब आजम, बहू
सिदरा, सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पूर्व विधायक विजय सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान समेत उनके कई समर्थक सीतापुर की जेल पहुंच गए थे।
राज्यसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं डॉ. फात्मा
वैसे तो डॉ. फात्मा की राजनीति में रुचि कम है। वह डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर थीं और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 2014 में उनको उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित घोषित किया गया था। रामपुर शहर विधानसभा सीट पर 2019 में हुए उप चुनाव में डॉ. फात्मा सपा की प्रत्याशी थीं। सांसद बनने पर आजम खां ने इस विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। विधायक निर्वाचित होने के बाद डॉ. फात्मा ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा वह मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की सचिव भी हैं।
जेल से छूटने के बाद पूर्व विधायक के आवास पर पहुंची
सीतापुर की जेल से रिहा होने के बाद डॉ. तजीन फात्मा समर्थकों के साथ सीतापुर में सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के आवास पर पहुंचीं। सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि अनूप गुप्ता पार्टी के पुराने सिपाही हैं। सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि डॉ. फात्मा पहले से कुछ कमजोर जरूर हो गई हैं, लेकिन उनका आत्मविश्वास पहले की तरह ही है। जेल से बाहर आने के बाद डॉ. फात्मा ने बड़ी ही बेबाकी से पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
जेल से छूटने के बाद पूर्व विधायक के आवास पर पहुंची
सीतापुर की जेल से रिहा होने के बाद डॉ. तजीन फात्मा समर्थकों के साथ सीतापुर में सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के आवास पर पहुंचीं। सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि अनूप गुप्ता पार्टी के पुराने सिपाही हैं। सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि डॉ. फात्मा पहले से कुछ कमजोर जरूर हो गई हैं, लेकिन उनका आत्मविश्वास पहले की तरह ही है। जेल से बाहर आने के बाद डॉ. फात्मा ने बड़ी ही बेबाकी से पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।