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लखनऊ: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा का हंगामा, सदस्य को गायब करने का लगाया आरोप
Sat, 03 Jul 2021 11:17 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 03 Jul 2021 11:17 PM IST
सार
मतदान के दौरान सपा खेमे में दोपहर तक सभी जीत के प्रति आश्वस्त थे। अचानक करीब ढाई बजे एक सदस्य अरुण के गायब होने की सूचना के बाद स्थिति बदल गई और विरोध प्रदर्शन के बीच जीत का जश्न गुम हो गया।
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हंगामा करते सपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में धांधली व बेईमानी का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर हंगामा किया। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एक जिला पंचायत सदस्य अरुण रावत को दूसरे दल के प्रत्याशियों, समर्थकों ने प्रशासन की मदद से गायब करवा दिया है। बैरिकेडिंग तोड़कर कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया। इसको लेकर पुलिस से उनकी धक्कामुक्की भी हुई। कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बल प्रयोग करके हटाया। परिणाम घोषित होने और गायब हुए कार्यकर्ता के आने की सूचना के बाद सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए चले गए।
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विरोध व हंगामे की शुरुआत मतदान समाप्ति से पहले करीब ढाई बजे एक सदस्य अरुण रावत के मतदान स्थल से गायब होने की सूचना से हुई। सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के चारों ओर की बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य गेट पर पहुंच गए। कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो उनमें शामिल महिला कार्यकर्ता किरन पांडेय, कैकसा, रूबी खान व अन्य धरने पर बैठ गईं। गेट पर पहुंचे कार्यकर्ता सदस्य अरुण रावत को बाहर लाने की मांग कर रहे थे। अरुण का भाई पंकज रावत पुलिस से भिड़ गया और अपने गायब भाई को सामने लाने की मांग करने लगा। पुलिस ने उसे हटाने के लिए बल प्रयोग भी किया। पंकज ने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी। वहीं अन्य पदाधिकारियों से भी कई बार पुलिस की झड़प व धक्का मुक्की हुई। सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी के पति मोहनलालगंज से विधायक अंबरीष पुष्कर भी मौके पर मौजूद थे। बाद में परिणाम घोषित होने के समय सांसद कौशल किशोर, बीकेटी के विधायक अविनाश त्रिवेदी, यूपीसीएलडीएफ के चेयरमैन वीरेंद्र तिवारी, भाजपा नेता रामचंद्र प्रधान कलेक्ट्रेट के अंदर जाने के लिए आए तो कार्यकर्ता भड़क गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें सुरक्षा घेरे में अंदर भेजा। बाद में अरुण के बाहर आने की सूचना पर कार्यकर्ता हटे।
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नेताओं ने प्रशासन व सरकार पर जड़े आरोप
सपा एमएलसी सुनील साजन ने चुनाव में सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया। उन्होंने जिलाधिकारी के खिलाफ एफआईआर लिखाने की मांग की। सपा जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत ने कहा कि प्रशासन जबरन सदस्यों के वोट भाजपा प्रत्याशी को डलवा रहा है। केकेसी के पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता अमरपाल सिंह, लखनऊ बार के महामंत्री जितेंद्र यादव उर्फ जीतू यादव, अवध बार के पूर्व उपाध्यक्ष संदीप यादव, पार्षद राजकुमार सिंह राजा, नवीन धवन बंटी व अन्य ने भी चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
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अरुण ने कहा- मुझे बंधक बनाया गया
चुनाव परिणाम घोषित होने के समय ही बाहर आए अरुण रावत ने बताया कि उसे कुछ लोगों ने बंधक बना लिया था। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उसने कहा कि अंदर एक-एक सदस्य को वोट डालने के लिए जाने की अनुमति थी। उसके आधार पर नाम सही न होने की बात कहकर उसे रोका गया। उसने शपथ पत्र से मिलान को कहा तो उसे मतदान कक्ष के बजाय जांच की बात कहकर पहली मंजिल पर ले गए। वहां आरती रावत के पक्ष में मतदान करने को कहा गया, लेकिन जब उसने मना किया तो उसे एक कमरे में बंद कर दिया। उसने जब तोड़फोड़ की और आत्महत्या की धमकी दी तो उसे करीब 3.10 बजे पर बाहर निकाला गया। उसने दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश भी की। साथ ही बिना वोट डाले जाने से मना किया तो करीब 3.30 बजे उसे एक बैलेट पेपर देकर वोट डलवाया गया। हालांकि उस समय वहां कोई नहीं था। उसने सामने से बाहर जाने की कोशिश की तो उसे पीछे के दरवाजे से बाहर किया गया। बकौल अरुण वह रोकने वाले प्रशासन के लोगों को पहचानता है।
25 वोट और हजारों समर्थकों का रेला
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कहने को तो 25 वोट पड़ने थे, लेकिन कलेक्ट्रेट के बाहर हजारों समर्थकों का रेला था। सांसद, विधायक व पूर्व विधायकों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। पार्टी के झंडे लगी बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग आए थे।
25 वोट और हजारों समर्थकों का रेला
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कहने को तो 25 वोट पड़ने थे, लेकिन कलेक्ट्रेट के बाहर हजारों समर्थकों का रेला था। सांसद, विधायक व पूर्व विधायकों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। पार्टी के झंडे लगी बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग आए थे।
सपा : सुबह जीत का जश्न, दोपहर बाद हार में बदला
मतदान के दौरान सपा खेमे में दोपहर तक सभी जीत के प्रति आश्वस्त थे। सपा नेता व कार्यकर्ता स्वास्थ्य भवन से परिवर्तन चौक जाने वाली रोड पर जमा थे। पूर्व सांसद सुशीला सरोज, पूर्व विधायक आरके चौधरी, इंदल रावत के अलावा कई वर्तमान पदाधिकारी मौजूद थे। रह-रहकर जोशीले नारे लग रहे थे। कार्यकर्ता बता रहे थे कि 14 वोट पक्ष में पड़ चुके हैं। अचानक करीब ढाई बजे एक सदस्य अरुण के गायब होने की सूचना के बाद स्थिति बदल गई और विरोध प्रदर्शन के बीच जीत का जश्न गुम हो गया।
भाजपा : जीत के प्रति शुरुआत से दिखे आश्वस्त
मतदान के दौरान भाजपा खेमे का टेंट स्वास्थ्य भवन के सामने सड़क किनारे लगा था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ग्लोब पार्क में बैठे थे। साथ ही सभी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे थे। सपा में जब जीत के वोट पड़ने की बात कही जा रही थी, उस समय भी भाजपाई खेमे में मायूसी नहीं थी। सांसद कौशल किशोर, पूर्व विधायक चंदा रावत, जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी समेत कई नेता मौके पर पूरे समय डटे रहे। भाजपा खेमे में ढोल सुबह से आ गया था और रह-रहकर बजाया जा रहा था।
भाजपा : जीत के प्रति शुरुआत से दिखे आश्वस्त
मतदान के दौरान भाजपा खेमे का टेंट स्वास्थ्य भवन के सामने सड़क किनारे लगा था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ग्लोब पार्क में बैठे थे। साथ ही सभी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे थे। सपा में जब जीत के वोट पड़ने की बात कही जा रही थी, उस समय भी भाजपाई खेमे में मायूसी नहीं थी। सांसद कौशल किशोर, पूर्व विधायक चंदा रावत, जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी समेत कई नेता मौके पर पूरे समय डटे रहे। भाजपा खेमे में ढोल सुबह से आ गया था और रह-रहकर बजाया जा रहा था।