फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: ₹1.27 crore swindled in Lucknow under the guise of investment; lured with the promise of 30% returns and t

यूपी: लखनऊ में निवेश के नाम पर 1.27 करोड़  ठगे, 30% रिटर्न का झांसा, मुनाफा कमाने का स्क्रीनशॉट भेजकर फंसाया

Thu, 27 Aug 2026 06:03 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 27 Aug 2026 06:03 PM IST
सार

लखनऊ में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में 30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर एक कारोबारी से 1.27 करोड़ रुपये ठग लिए। वहीं सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो बहनों से 5.28 लाख रुपये वसूले गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन
UP: ₹1.27 crore swindled in Lucknow under the guise of investment; lured with the promise of 30% returns and t
कारोबारी को फंसा करोड़ों की ठगी

विस्तार

साइबर जालसाजों ने सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलीब्रिटी मीडोज अपार्टमेंट निवासी कारोबारी अरशद अहमद को शेयर बाजार में निवेश का झांसा दिया और उनके 1.27 करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने बुधवार को साइबर क्राइम थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

विज्ञापन


अरशद ने बताया कि कुछ महीने पहले उनके व्हाट्सएप पर मेसेज आया। मेसेज में शेयर बाजार में निवेश करने पर 30 फीसद गारंटी के साथ मुनाफा कमाने की बात लिखी थी। लालच के फेर में पड़कर मेसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही वह व्हाट्सएप ग्रुप पर जुड़़ गए, जिसमें एक हजार सदस्य थे। सदस्य ग्रुप पर फर्जी प्राफिट के स्क्रीन शॉट डालते थे। अरशद का कहना है कि ग्रुप के एडमिन ने धीरे-धीरे उनसे 1.27 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। 
विज्ञापन


मुनाफा दिखने पर जब उन्होंने उसे निकालना चाहा तो एडमिन उनसे निवेश टैक्स, जीएसटी, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य तरह की फीस की मांग करने लगा। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक रॉव ने बताया कि पीड़ित जिन अकाउंट में रकम ट्रांसफर की है उसे फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क किया जा रहा है। साथ जिस ग्रुप में उन्हें जोड़ा गया है। उसकी तफ्तीश की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 





 

सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दो बहनों से 5.28 लाख ठगे

मड़ियांव थाना क्षेत्र के संत कबीर नगर, फैजुल्लागंज द्वितीय निवासी स्वाती पांडेय व उनकी बहन वंदना पांडेय से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 5.28 लाख रुपये ठग लिए गए। स्वाती ने मड़ियांव थाने में इंदलगंज, सीतापुर रोड, फैजुल्लागंज प्रथम निवासी आकाश रावत, उसकी पत्नी अंजली यादव समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सीतापुर के सधनपुर की मूल निवासी स्वाती पांडेय वर्तमान समय में संत कबीर नगर, फैजुल्लागंज में रहती हैं। स्वाती के मुताबिक वर्ष 2022 में गाजीपुर बलराम, फैजुल्लागंज स्थित योगी जी शिक्षा निकेतन स्कूल में पढ़ाती थीं। इसी स्कूल में गाजीपुर बलराम निवासी की अंजली यादव भी शिक्षिका थी। दोनों में दोस्ती होने के बाद पारिवारिक संबंध हो गए। जनवरी 2026 में अंजली ने स्वाती को बताया कि उसने इंदलगंज, सीतापुर रोड निवासी आकाश रावत से कोर्ट मैरिज की है। अंजली ने बताया कि आकाश एक बड़े सरकारी अधिकारी की गाड़ी चलाता है और उसकी अधिकारियों से अच्छी पहुंच है। वह शक्ति भवन में सरकारी नौकरी लगवा सकता है।

आरोप है कि आकाश ने सीतापुर के स्कूल में स्वाती की क्लर्क और उसकी बहन वंदना पांडेय की शिक्षक पद पर नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे। आकाश के कहने पर 8 फरवरी को दोनों बहनें अपने शैक्षिक प्रमाणपत्र और 1.80 लाख रुपये लेकर बख्शी का तालाब फ्लाईओवर के पास स्थित वर्मा इंटरप्राइजेज के कार्यालय पहुंचीं। वहां मौजूद एक व्यक्ति को अधिकारी बताकर उससे मिलवाया गया। उस व्यक्ति ने दोनों के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र और रुपये ले लिए तथा मार्च में नौकरी ज्वाइन कराने का भरोसा दिया।

इसके बाद आकाश ने कई बार नकद रुपये लिए। नकद रुपये खत्म होने पर उसने प्रिंस वर्मा, प्रथम रावत, मोहित और अथर्व के क्यूआर कोड भेजकर उनके खातों में रुपये जमा कराए। डाक खर्च और मेडिकल के नाम पर भी रुपये लिए गए। इस तरह आरोपियों ने 5.28 लाख रुपये ले लिए। आकाश ने 9 मार्च को नौकरी ज्वाइन कराने की बात कही। 

इसके बाद ज्वाइनिंग की तारीख लगातार बढ़ाई जाती रही। 23 मार्च को कथित अधिकारी ने बैंक डिटेल मांगी और 24 मार्च को ज्वाइनिंग लेटर जारी करने की बात कही, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं हुई। दोनों बहनों ने रुपये वापस मांगे तो आकाश और अंजली आश्वासन देकर टालते रहे। बाद में आकाश ने मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र वापस कर दिए, लेकिन रुपये नहीं लौटाए। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed