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योगी सरकार के आने के बाद सपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख की छुट्टी, दोबारा चुनाव
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 10 Jun 2017 12:42 PM IST
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राजकुमारी यादव
- फोटो : amar ujala
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आखिरकार भाजपा सांसद व विधायक की मुहिम परवान चढ़ ही गई। योगी सरकार बनने के सवा दो महीने बाद ही लखनऊ में माल ब्लॉक में सपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी यादव को हटना ही पड़ा।
माल ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत दफ्तर में हुई बैठक में शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 47 के मुकाबले पांच मतों से पारित हुआ। हालांकि इस दौरान 34 बीडीसी सदस्यों ने गैरहाजिर रहकर चुप्पी साधे रखी।
नए ब्लॉक प्रमुख के लिए चुनाव कराने को जल्द ही प्रशासन निर्वाचन आयोग को पत्र लिखेगा। एसडीएम मलिहाबाद सूर्यनारायण त्रिपाठी ने बताया कि बहुमत के आधार पर पारित अविश्वास प्रस्ताव के बाद माल ब्लॉक प्रमुख की खाली हुई कुर्सी के लिए चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर होता है।
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डीएम को अविश्वास प्रस्ताव की पूरी कार्रवाई रिपोर्ट देने के बाद दोबारा चुनाव के लिए अनुरोध पत्र आयोग को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व मतदान को बुलायी गयी बैठक में किसी भी तरह की गड़बड़ी व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न होने देने के लिए एसडीएम मलिहाबाद को बतौर पर्यवेक्षक तैनात किया गया था।
अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया उनकी निगरानी व मौजूदगी में पूरी कराई गई। प्रस्ताव पारित होने के साथ ही सपा समर्थित राजकुमारी यादव की माल ब्लॉक प्रमुख पद से छुट्टी हो गयी है।
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माल ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत दफ्तर में हुई बैठक में शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 47 के मुकाबले पांच मतों से पारित हुआ। हालांकि इस दौरान 34 बीडीसी सदस्यों ने गैरहाजिर रहकर चुप्पी साधे रखी।
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नए ब्लॉक प्रमुख के लिए चुनाव कराने को जल्द ही प्रशासन निर्वाचन आयोग को पत्र लिखेगा। एसडीएम मलिहाबाद सूर्यनारायण त्रिपाठी ने बताया कि बहुमत के आधार पर पारित अविश्वास प्रस्ताव के बाद माल ब्लॉक प्रमुख की खाली हुई कुर्सी के लिए चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर होता है।
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डीएम को अविश्वास प्रस्ताव की पूरी कार्रवाई रिपोर्ट देने के बाद दोबारा चुनाव के लिए अनुरोध पत्र आयोग को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व मतदान को बुलायी गयी बैठक में किसी भी तरह की गड़बड़ी व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न होने देने के लिए एसडीएम मलिहाबाद को बतौर पर्यवेक्षक तैनात किया गया था।
अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया उनकी निगरानी व मौजूदगी में पूरी कराई गई। प्रस्ताव पारित होने के साथ ही सपा समर्थित राजकुमारी यादव की माल ब्लॉक प्रमुख पद से छुट्टी हो गयी है।
नए चुनाव तक कामकाज को गठित होगी समिति
डेमो
- फोटो : demo pic
विधान सभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनते ही माल ब्लॉक प्रमुख को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने का ताना-बाना बुनना शुरू हो गया था। इसकी कमान ब्लॉक प्रमुख चुनाव में राजकुमारी यादव से हारी बीडीसी खातूना ने संभाली।
इस मुहिम को भाजपा के मोहनलालगंज सांसद कौशल किशोर व मलिहाबाद विधायक जयदेवी का पूरा समर्थन प्राप्त था। इसके बाद ही बीते माह 11 मई को भाजपा समर्थक बीडीसी सदस्यों ने खातूना की अगुवाई में 52 बीडीसी की परेड जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के समक्ष कराई।
उन्होंने माल ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी यादव द्वारा मनमाने तरीके से किए जा रहे कामकाज पर नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने को अविश्वास प्रस्ताव लाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
दबाव के बाद डीएम ने शिनाख्त परेड में शामिल 52 बीडीसी के आधार पर 10 जून को माल ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने को क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया था।
अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक पहले दस जून को प्रस्तावित थी। इसे एक दिन पहले यानी नौ जून को ही बुला लिया गया। शुक्रवार को सुबह दस बजे से क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर शुरू हुई गहमा-गहमी दोपहर तीन बजे अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान व गणना बाद खत्म हुई।
एसडीएम मलिहाबाद की मौजूदगी में बीडीसी सदस्य रामकुमार राही ने ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेशकर चर्चा शुरू की। इसके बाद प्रस्ताव के पक्ष व विपक्ष में हुए मतदान बाद एसडीएम ने आठ मतों के अंतर से अविश्वास प्रस्ताव को पारित घोषित किया।
ब्लॉक प्रमुख को हटाए जाने के बाद कामकाज में कोई रुकावट न आए, इसके लिए तीन वरिष्ठ बीडीसी सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह समिति क्षेत्रीय पंचायत स्तर के कामकाज पूरे करेगी।
इस मुहिम को भाजपा के मोहनलालगंज सांसद कौशल किशोर व मलिहाबाद विधायक जयदेवी का पूरा समर्थन प्राप्त था। इसके बाद ही बीते माह 11 मई को भाजपा समर्थक बीडीसी सदस्यों ने खातूना की अगुवाई में 52 बीडीसी की परेड जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के समक्ष कराई।
उन्होंने माल ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी यादव द्वारा मनमाने तरीके से किए जा रहे कामकाज पर नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने को अविश्वास प्रस्ताव लाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
दबाव के बाद डीएम ने शिनाख्त परेड में शामिल 52 बीडीसी के आधार पर 10 जून को माल ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने को क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया था।
अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक पहले दस जून को प्रस्तावित थी। इसे एक दिन पहले यानी नौ जून को ही बुला लिया गया। शुक्रवार को सुबह दस बजे से क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर शुरू हुई गहमा-गहमी दोपहर तीन बजे अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान व गणना बाद खत्म हुई।
एसडीएम मलिहाबाद की मौजूदगी में बीडीसी सदस्य रामकुमार राही ने ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेशकर चर्चा शुरू की। इसके बाद प्रस्ताव के पक्ष व विपक्ष में हुए मतदान बाद एसडीएम ने आठ मतों के अंतर से अविश्वास प्रस्ताव को पारित घोषित किया।
ब्लॉक प्रमुख को हटाए जाने के बाद कामकाज में कोई रुकावट न आए, इसके लिए तीन वरिष्ठ बीडीसी सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह समिति क्षेत्रीय पंचायत स्तर के कामकाज पूरे करेगी।