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फंस गए 10 हजार फ्लैट, कहीं इनमें आपका फ्लैट तो नहीं

Tue, 03 Mar 2015 02:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Tue, 03 Mar 2015 02:54 PM IST
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samajwadi housing scheme lucknow

समाजवादी आवासीय योजना के लिए तय कीमत के भीतर फ्लैट बनाने को लेकर आवास विकास परिषद पशोपेश में है। ऐसे में परिषद 10 हजार फ्लैटों की इस स्कीम को लॉन्च नहीं कर पा रहा है। इस संबंध में सोमवार को परिषद के अधिकारियों की बैठक हुई।

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इसमें शासन से कई रियायतों की मांग का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखने का निर्णय हुआ। इसमें सबसे बड़ी रियायत टॉवर की ऊंचाई बढ़ाने संबंधी होगी, ताकि कम भूमि का उपयोग कर के अधिक फ्लैटों का निर्माण किया जा सके।
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साथ ही बचने वाली भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल कर के इन फ्लैटों के निर्माण के लिए धन जुटाया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि रियायतों की मदद से 30 लाख रुपये में जनता को बेहतरीन फ्लैट दिया जा सकेगा।
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कार्यदायी संस्थाओं की तरफ से भी राजधानी में 2800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से काम करने को लेकर ऐतराज जताया जा चुका है। परिषद की ऐसी ही एक योजना का काम इस गतिरोध के चलते शुरू नहीं हो सका।

कीमतें कम करने पर राजी नहीं कंपनियां

samajwadi housing scheme lucknow

कंपनियों के रेट परिषद के तय रेट से काफी ज्यादा थे। ऐसे में कंपनियां कम कीमत पर काम करने राजी नहीं हुईं। इसके चलते परिषद अधिकारियों के हाथ पांव फूले हुए हैं। एक तरफ शासन के निर्देश पर इस कीमत पर मकान बनाने की मजबूरी है और दूसरी तरफ इस कीमत पर कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

जिसके बाद सोमवार को सरकार से कुछ रियायतें मांगने का फैसला आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने किया। तय हुआ कि बोर्ड बैठक से इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया जाए।

प्रस्ताव के मुताबिक इस योजना के लिए जमीन की कीमत में छूट और योजना के तहत टॉवर की ऊंचाई बढ़ाने जैसे विकल्प सुझाए गए हैं। कीमतों को तय करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में ले जाया जाना है।

परिषद के टाउन प्लान संजीव कश्यप ने बताया कि, इस संबंध में कई सुझाव आए हैं, लेकिन अब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। एफएआर बढ़ाने समेत कई प्रस्तावों पर विचार चल रहा है।

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