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देवपुर पारा में समाजवादी लोहिया एन्क्लेव का पंजीकरण लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इस बार नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ा दिया है।
इस योजना का पहले दो बार पंजीकरण बढ़ाया गया, मगर छह हजार फ्लैटों के लिए 4500 आवेदन ही आए। ऐसे में अधिकांश आवेदकों के लिए आवंटी बनने का पूरा मौका था, लेकिन एलडीए ने वर्तमान आवेदकों के बीच लॉटरी किए बिना लगभग 15 दिन बाद फिर से 30 मई तक के लिए पंजीकरण खोल दिए हैं।
जबकि नियमत: दो बार पंजीकरण होने के बाद एलडीए को लॉटरी कर नए सिरे से पंजीकरण खोलना था।
एलडीए अधिकारियों का तर्क है कि बहुत कम पंजीकरण होने की वजह से दोबारा फार्म की बिक्री शुरू की गई है। इस योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक थी।
पहले किस्तों पर हो चुका है विवाद
एलडीए ने देवपुर पारा योजना में इससे पहले गरीब आवासों की किस्तों पर विवाद हो चुका है। बाद में इसमें सुधार करते हुए चार लाख से आठ लाख रुपये तक के ईडब्ल्यूएस और एलआईजी पर 18 महीने की जगह 180 महीने (15 साल) की किस्तें करने का फैसला किया था।
इसमें मात्र 10 फीसदी सालाना ब्याज दर पर किस्तों का भुगतान लिया जाएगा। इससे अधिक कीमत के फ्लैटों में 18 किस्तों की व्यवस्था लागू होगी, जिसमें 12 फीसदी वार्षिक ब्याज आवंटियों को देना पड़ेगा।
देवपुर पारा स्कीम की 6000 फ्लैटों के लिए जो 4500 आवेदन आए, उसमें से 4000 आवेदन अकेले 3000 गरीब आवासों के हैं। जबकि, 3000 स्ववित्त पोषित फ्लैटों के आवेदन को लेकर लोगों ने घोर निराशा दर्शाई है।
20 से लेकर 32 लाख रुपये आय सीमा वाले इन फ्लैटों के लिए केवल 500 आवेदन आए हैं। ऐसे में लॉटरी होने की दशा में महंगे फ्लैटों के सभी आवेदकों को आवंटन हर हाल में मिलेगा। वहीं गरीब आवासों के हर तीन में से दो आवेदकों का आवंटन होना तय था।