फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Salary of memorial personnel to be increased.

5300 स्मारक कर्मियों को मिली बढ़े वेतन की सौगात

Sun, 17 May 2015 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 17 May 2015 02:39 AM IST
विज्ञापन
Salary of memorial personnel to be increased.

बसपा काल के स्मारकों के संरक्षण के लिए गठित समारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया गया है। अखिलेश सरकार में इन कर्मचारियों का वेतन बढ़ना एक सुखद आश्चर्य के समान है।

विज्ञापन


मगर वाह्य क्षेत्र सुरक्षा वाहिनी कर्मियों का वेतन चार बार से नहीं बढ़ाया गया है। इसके अलावा उनके तमाम भत्ते भी खत्म कर दिये गये हैं। स्मारक संरक्षण समिति में कर्मचारियों की संख्या जहां 5500 है, वहीं वाहिनी में 1200 कर्मचारी हैं।
विज्ञापन


एक ओर जहां स्मारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी गई है। वहीं दूसरी ओर वाहिनी के कर्मचारी अब अपने आला अधिकारियों को पत्र लिख कर मांग कर रहे हैं कि, उनके भत्तों की कटौती खत्म की जाये और उनका बकाया इंक्रीमेंट एरियर के साथ दिया जाये।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्मारक समिति की ओर से कर्मचारियों ने कहा कि, उनको लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मगर राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता और वार्षिक वेतन बढ़ोतरी देकर कर्मचारियों का भला किया है।

15 फीसदी वेतन की हुई बढोत्तरी

Salary of memorial personnel to be increased.

5300 में से 4300 कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है। इसलिए ये वेतन बढ़ोतरी और महंगाई भत्ता उनके लिए जीवनदायी साबित हुआ है। सभी कर्मचारियों के वेतन में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश के अतिरिक्त प्रमुख सचिव आवास के अलावा संरक्षण समिति के आला अधिकारियों का धन्यवाद जताया है।

वाहिनी के कर्मचारी पीड़ा में

पहले वाहिनी के कर्मचारी काफी खुश थे। वे स्मारक संरक्षण समिति की अस्थाई नौकरी की जगह स्थाई तैनाती पर हैं। ये एक सुरक्षा बल है, जिसका गठन स्मारकों की सुरक्षा के लिए किया गया था। स्मारक के कर्मियों का आरोप है कि, उनको पिछले चार इंक्रीमेंट नहीं मिले हैं।

इसके अलावा पौष्टिक आहार भत्ता बंद कर दिया गया। यही नहीं उनको लाने ले जाने के लिए जो बड़ी गाड़ियां आती थीं, वह भी अब नहीं आ रही हैं। जिससे जवान निराश हैं। इस संबंध में शिकायत डीजीपी और गृह विभाग के आला अधिकारियों को की जा चुकी है। मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed